गैस कनेक्शन के e-KYC पर सरकार की सफाई: सबको जरूरत नहीं
केंद्र सरकार ने उन खबरों पर स्पष्टीकरण दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि e-KYC न कराने पर गैस कनेक्शन काट दिए जाएंगे। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि e-KYC की आवश्यकता केवल उन्हीं ग्राहकों को है जिनका वेरिफिकेशन अभी तक पूरा नहीं हुआ है। सरकार ने यह भी साफ किया कि यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि पुराने अभियान का ही हिस्सा है जिसका उद्देश्य फर्जीवाड़े को रोकना और अधिक से अधिक गैस ग्राहकों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवाना है।
किसे करानी होगी e-KYC और किसे नहीं?
मंत्रालय के अनुसार, e-KYC सिर्फ उन लोगों के लिए जरूरी है जो 'उज्ज्वला' या 'पहल' स्कीम के तहत सब्सिडी लेते हैं। अन्य सभी ग्राहकों के लिए यह स्वैच्छिक है। सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले के मुताबिक, सरकार आधार को सिर्फ उन्हीं सेवाओं के लिए अनिवार्य कर सकती है जहां सीधे सरकारी खजाने से सब्सिडी दी जा रही हो। गैस कनेक्शन अपने आप में कोई सब्सिडी नहीं है और करोड़ों लोग बिना सरकारी मदद के पूरी कीमत चुकाकर गैस खरीदते हैं।
घर बैठे करें e-KYC
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के लिए ग्राहकों को गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं है। e-KYC प्रक्रिया घर बैठे आसानी से और मुफ्त में पूरी की जा सकती है। ग्राहक संबंधित गैस कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए आधार कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का उपयोग करके इसे स्वयं पूरा कर सकते हैं।
उद्देश्य: फर्जीवाड़े और कालाबाजारी पर लगाम
सरकार का कहना है कि e-KYC कराने का मुख्य उद्देश्य सिस्टम में पारदर्शिता लाना है। इससे 'घोस्ट कंज्यूमर्स' यानी फर्जी गैस कनेक्शनों को हटाने में मदद मिलेगी जो किसी और के नाम पर चल रहे हैं। साथ ही, इससे एलपीजी की कालाबाजारी रोकने में भी सहायता मिलेगी।
LPG संकट के बीच बढ़ा भ्रम
यह भ्रम पहली बार नहीं फैलाया गया है। जुलाई 2024 में भी गैस एजेंसियों ने उन ग्राहकों को कनेक्शन काटने की धमकी दी थी जो सब्सिडी नहीं लेते थे लेकिन e-KYC के लिए मना कर रहे थे। तब एक RTI के जवाब में HPCL ने ऐसी कोई अनिवार्य सूचना जारी न करने की बात कही थी।
अमेरिका-इजराइल के ईरान से युद्ध की वजह से देशभर में LPG की किल्लत चल रही है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें हैं और सिलेंडर की कालाबाजारी व जमाखोरी भी हो रही है। इसी स्थिति में e-KYC से जुड़ी इन खबरों के बाद अफरा-तफरी मच गई थी, जिसे सरकार के स्पष्टीकरण के बाद सामान्य होने की उम्मीद है।
सप्लाई संकट की मुख्य वजह: होर्मुज स्ट्रेट
भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का लगभग बंद होना है। यह 167 किमी लंबा जलमार्ग फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान युद्ध के कारण यह मार्ग असुरक्षित हो गया है, जिससे तेल टैंकरों का गुजरना बंद हो गया है। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% और भारत की जरूरत का 50% कच्चा तेल तथा 54% एलएनजी इसी रास्ते से आता है।
बेंगलुरु कैफे ने लगाया 'गैस क्राइसिस चार्ज'
देशभर में जारी LPG संकट के बीच बेंगलुरु के एक कैफे ने अपने ग्राहक को नींबू पानी के बिल पर 5% 'गैस क्राइसिस चार्ज' लगाया। सोशल मीडिया पर इस रसीद की फोटो वायरल होने के बाद लोगों ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं।
Vivek Singh