घने कोहरे से ठिठुर रहा मध्य प्रदेश, ट्रेनों-फ्लाइटों पर असर, जेट स्ट्रीम ने बढ़ाई सर्दी

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घने कोहरे से ठिठुर रहा मध्य प्रदेश, ट्रेनों-फ्लाइटों पर असर, जेट स्ट्रीम ने बढ़ाई सर्दी

मध्य प्रदेश में घने कोहरे और कड़ाके की सर्दी से जनजीवन प्रभावित

मध्य प्रदेश में सर्दी अपने चरम पर है। राज्य के कई हिस्सों में घने कोहरे और न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट के कारण आम जनजीवन पर असर पड़ा है। मालवा-निमाड़ क्षेत्र में ठंड सबसे अधिक दर्ज की जा रही है, जबकि उत्तरी जिलों में कोहरे ने दृश्यता कम कर दी है।

मालवा-निमाड़ में पारा 5 डिग्री से नीचे, कल्याणपुर सबसे ठंडा

इंदौर और उज्जैन संभाग सहित मालवा-निमाड़ के कई शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। शहडोल जिले का कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहां 3.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इंदौर, उज्जैन, मंदसौर और शाजापुर में लगातार 5 डिग्री से नीचे पारा बना हुआ है। भोपाल में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री, इंदौर में 4.5, ग्वालियर में 9.3, उज्जैन में 7.3 और जबलपुर में 9.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

13 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट, विजिबिलिटी 1 से 4 किमी

प्रदेश के उत्तरी हिस्से ग्वालियर-चंबल, रीवा और सागर संभाग में घना कोहरा छाया हुआ है। सुबह के समय स्थिति ऐसी है कि करीब एक किलोमीटर के बाद साफ दिखाई नहीं देता। शुक्रवार सुबह भी 13 जिलों में कोहरे का असर बना रहा। मौसम विभाग ने ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा भोपाल, शाजापुर, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, देवास, सीहोर, रायसेन और विदिशा में भी कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है, जहां दृश्यता 1 से 4 किलोमीटर के बीच रहने का अनुमान है।

ट्रेनों में 30 मिनट से 5 घंटे तक की देरी

कोहरे के कारण रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दिल्ली से इंदौर और भोपाल आने वाली ज्यादातर ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 5 घंटे तक देरी से चल रही हैं। गुरुवार को पंजाब मेल, शताब्दी, झेलम एक्सप्रेस, सचखंड, मालवा, छत्तीसगढ़, कोल्हापुर सुपरफास्ट और मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों की समयसारिणी प्रभावित हुई। ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनें भी देर से पहुंचीं और शुक्रवार सुबह भी कोहरे के कारण कई ट्रेनें निर्धारित समय से लेट रहीं।

फ्लाइट संचालन पर भी असर

कोहरे का असर हवाई सेवाओं पर भी दिखा। भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, गोवा और बेंगलुरु जाने वाली उड़ानें प्रभावित हुईं। गुरुवार को कई फ्लाइट्स 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक देरी से रवाना हुईं।

सुरक्षित ड्राइविंग और हेल्थ-फसल एडवाइजरी

सुबह के समय घने कोहरे के चलते विशेषज्ञों ने लोगों को वाहन सावधानी से चलाने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने स्वास्थ्य और फसलों को लेकर भी एडवाइजरी जारी की है, जिसमें ठंडी हवाओं और कम तापमान के प्रभाव से बचने के सुझाव दिए गए हैं।

जेट स्ट्रीम ने बढ़ाई ठंड, रफ्तार 222 किमी प्रतिघंटा तक

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में ठंड बढ़ने की एक प्रमुख वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किलोमीटर ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा होती है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में वर्तमान में जेट स्ट्रीम सक्रिय है। रविवार तक यह 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 176 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही थी, जो सोमवार और मंगलवार को बढ़कर 222 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच गई। बुधवार और गुरुवार को इसकी रफ्तार 195 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के साथ यह ऊंचाई पर बहने वाली तेज हवा सर्दी को और बढ़ा रही है। उत्तर के मैदानी क्षेत्रों से ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा पश्चिमी विक्षोभ के कारण जब मध्य प्रदेश तक पहुंचती है तो ठंड तेज हो जाती है। यदि इस दौरान जेट स्ट्रीम भी मजबूत हो जाए तो सर्दी और अधिक बढ़ जाती है, और इस समय यही स्थिति देखी जा रही है।

नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ सर्दी, भोपाल में 15 दिन शीतलहर

इस बार नवंबर में भी सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे अधिक दिनों की शीतलहर है। 17 नवंबर की रात तापमान 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो नवंबर के लिए ओवरऑल रिकॉर्ड रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 को तापमान 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। इंदौर में भी न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री तक लुढ़क गया, जो पिछले 25 साल का नया स्तर माना जा रहा है और वहां की सीजन की सबसे सर्द रात रही।

दिसंबर-जनवरी में सबसे ज्यादा ठंड, वेस्टर्न डिस्टरबेंस की भूमिका

मौसम विभाग के अनुसार, जैसे मानसून के चार महीनों में जुलाई और अगस्त सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, उसी तरह ठंड के लिए दिसंबर और जनवरी अहम माने जाते हैं। इन दो महीनों में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाएं प्रदेश में ज्यादा पहुंचती हैं, जिससे तापमान में काफी गिरावट होती है और तेज सर्द हवाएं चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही संकेत देते हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने पर दिसंबर में मावठा भी गिरता है, जिससे दिन में भी ठंड बढ़ जाती है।

दिसंबर-जनवरी में लंबा कोल्ड वेव पीरियड का अनुमान

मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी और जनवरी में यह दौर 20 से 22 दिन तक जारी रह सकता है। इसके पीछे ला नीना की स्थिति, पहाड़ों पर जल्दी बर्फबारी, ठंडी हवाओं का ज्यादा अंदर तक पहुंचना और पश्चिमी विक्षोभ का लगातार सक्रिय रहना जैसे कारण बताए जा रहे हैं।

भोपाल में रिकॉर्ड न्यूनतम तापमान और बारिश का ट्रेंड

भोपाल में दिसंबर के दौरान दिन-रात ठंड के साथ बारिश का भी ट्रेंड देखा गया है। पिछले 10 में से 5 साल में भोपाल में दिसंबर में आधा से पौन इंच तक बारिश दर्ज की गई। इस बार भी बारिश की संभावना जताई गई है। 11 दिसंबर 1966 की रात में भोपाल का न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो अब तक का रिकॉर्ड है। वर्ष 2021 में भी पारा 3.4 डिग्री तक पहुंच चुका है।

इंदौर: रातें 5–8 डिग्री के बीच, दिसंबर में बारिश

इंदौर में दिसंबर के दौरान रात का तापमान आमतौर पर 5 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। पिछले साल तापमान 8.6 डिग्री तक पहुंचा था। दस साल के आंकड़ों के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 28 से 31 डिग्री के बीच रहता है। दिसंबर में इंदौर में बारिश भी होती है और पिछले चार साल से लगातार दिसंबर में वर्षा दर्ज की जा रही है। 31 दिसंबर 2015 को दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि 27 दिसंबर 1936 की रात में न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। वर्ष 1967 में कुल मासिक बारिश 108.5 मिमी (लगभग 4.2 इंच) दर्ज हुई, और 17 दिसंबर 2009 को 24 घंटे में 53 मिमी (करीब 2.1 इंच) की सर्वाधिक वर्षा हुई।

ग्वालियर में सबसे ज्यादा सर्दी का अहसास

ग्वालियर में दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। पिछले 10 साल में यहां अधिकतम तापमान 26.2 से 31.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 1.8 से 6.9 डिग्री तक रिकॉर्ड किया गया। 6 दिसंबर 2006 को दिन का तापमान 32.1 डिग्री तक पहुंचा था। 26 दिसंबर 1961 को यहां न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री दर्ज हुआ, जो अत्यधिक सर्दी का संकेत है। वर्ष 1997 में कुल मासिक बारिश 106.6 मिमी (लगभग 4.1 इंच) हुई और 13 दिसंबर 2013 को 24 घंटे में 32.1 मिमी (करीब 1.2 इंच) की सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई।

जबलपुर: ठंडी रातें और दिसंबर में बारिश का इतिहास

जबलपुर में दिसंबर के महीने में सर्दी के साथ-साथ बारिश का भी इतिहास रहा है। 28 दिसंबर 1960 को यहां दिन का अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जबकि 28 दिसंबर 1902 की रात में न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो अब तक का रिकॉर्ड है। वर्ष 1885 में 125 मिमी (करीब 4.9 इंच) की सर्वाधिक मासिक वर्षा हुई। 16 दिसंबर 1885 को 24 घंटे में 68.1 मिमी (लगभग 2.6 इंच) बारिश का रिकॉर्ड दर्ज है।

उज्जैन में कड़ाके की ठंड और लगातार दिसंबर की बारिश

उज्जैन में दिसंबर में दिन का औसत तापमान 28.2 डिग्री और रात का औसत तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस रहता है। इस महीने औसतन 4.6 मिमी बारिश दर्ज होती है और पिछले पांच साल से दिसंबर में यहां नियमित रूप से वर्षा हो रही है। 18 दिसंबर 2002 को दिन का अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जो रिकॉर्ड है। 28 दिसंबर 1968 और 29 दिसंबर 1983 को रात में न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री दर्ज हुआ। वर्ष 1997 में कुल मासिक बारिश 119.4 मिमी (करीब 4.7 इंच) हुई और 11 दिसंबर 1967 को 24 घंटे में 35.3 मिमी (लगभग 1.3 इंच) की सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई।

निष्कर्ष: सर्दी का लंबा और कड़ा दौर जारी रहने के आसार

कुल मिलाकर, जेट स्ट्रीम की तेज रफ्तार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता, ला नीना, पहाड़ों पर जल्दी बर्फबारी और उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में सर्दी सामान्य से अधिक तीखी और लंबी दिखाई दे रही है। घने कोहरे, गिरते तापमान, प्रभावित ट्रेन-फ्लाइट सेवाओं और लगातार रिकॉर्ड टूटते आंकड़ों से संकेत मिल रहा है कि दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड का दौर जारी रह सकता है और कोल्ड वेव के कई दिनों तक चलने की संभावना बनी हुई है।

Satyam Tripathi