ग्वालियर चिड़ियाघर में ठंड से बचाव के विशेष इंतजाम
मध्य प्रदेश के ग्वालियर चंबल क्षेत्र में ठंड का प्रकोप बढ़ने के साथ ही गांधी प्राणी उद्यान (जू) प्रशासन ने वहां रहने वाले जानवरों और पक्षियों के लिए खास इंतजाम किए हैं। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं और बर्फबारी के असर को देखते हुए चिड़ियाघर में जानवरों के रहने और खान-पान में बदलाव किए गए हैं।
जानवरों के बाड़ों में गर्माहट का इंतजाम
चिड़ियाघर प्रशासन ने शेर और टाइगर के बाड़ों में ठंड से बचाने के लिए हीटर लगाए हैं। ये जानवर सुबह और शाम के समय हीटर के पास रहते हैं और दिन में धूप का आनंद लेते हैं। सांपों के बाड़ों में तापमान बनाए रखने के लिए 200 वाट के बल्ब लगाए गए हैं। साथ ही बाड़ों में तापमान नापने वाली क्लॉक भी लगाई गई हैं। पक्षियों के पिंजरों को ठंडी हवा से बचाने के लिए पर्दों से ढका गया है।
खान-पान में भी बदलाव
चिड़ियाघर में जानवरों के खाने में भी बदलाव किया गया है। अब उन्हें गर्माहट देने वाली सब्जियां जैसे मैथी, हरा लहसुन, गुड़, बरसीम और मौसमी फल खिलाए जा रहे हैं। बंदरों को भुने हुए चने, भालू को शहद, खीर और रोटी, तथा पक्षियों को सूर्यमुखी के बीज, उबले अंडे और अन्य पोषणयुक्त खाद्य पदार्थ दिए जा रहे हैं।
सुरक्षा और आराम के अन्य उपाय
हिरण और नीलगाय जैसे खुले में रहने वाले जानवरों के बाड़ों में सूखी घास बिछाई गई है ताकि सतह गर्म रहे। आने वाले दिनों में अधिक ठंड होने पर शाम के समय उनके लिए अलाव की व्यवस्था भी की जाएगी। चिड़ियाघर में कुल 75 प्रजातियों के 580 वन प्राणी हैं, जिनके लिए अलग-अलग तापमान के अनुकूल इंतजाम किए गए हैं।
निष्कर्ष
ग्वालियर चिड़ियाघर प्रशासन ने ठंड में जानवरों की सुरक्षा और आराम को सुनिश्चित करने के लिए बेहतरीन व्यवस्था की है। इन प्रयासों से जानवरों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा और ये कड़ाके की ठंड से बच सकेंगे।
L. N. Bhargava