हमीदिया में चिकित्सा शिक्षकों का पेन डाउन आंदोलन तेज: सीधी भर्ती का विरोध
गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) भोपाल में सीधी भर्ती के विरोध में चिकित्सा शिक्षकों का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। हमीदिया हॉस्पिटल के ब्लॉक-2 पोर्च पर दोपहर 12:00 से 1:00 बजे तक समस्त चिकित्सा शिक्षकों ने एक घंटे का कार्य बंद आंदोलन किया।
सीधी भर्ती पर आपत्ति और पदोन्नति की मांग
चिकित्सा शिक्षक संघ (MTA) का आरोप है कि पदोन्नति के पदों पर सीधी भर्ती लागू कर वर्षों की सेवा और वरिष्ठता के साथ अन्याय किया जा रहा है। शिक्षकों ने साफ संकल्प लिया है कि यदि भर्ती की विज्ञप्ति तुरंत निरस्त नहीं की जाती, तो यह आंदोलन प्रतिदिन क्रमिक रूप से और अधिक बढ़ाया जाएगा। उन्होंने डीपीसी (DPC) के माध्यम से कार्यरत पात्र शिक्षकों की पदोन्नति की मांग की है, बजाय इसके सीधी भर्ती का विज्ञापन जारी करने के।
वरिष्ठता और आर्थिक नुकसान का मुद्दा
संघ के अनुसार, यह निर्णय नियमों के विपरीत है और इससे अनुभवी शिक्षकों के अधिकार प्रभावित होंगे। यदि सीधी भर्ती लागू होती है, तो वर्तमान शिक्षकों की वर्षों की सेवा शून्य हो जाएगी, जिससे ग्रेच्युटी, एनपीएस, वेतन वृद्धि और भविष्य में मिलने वाली पेंशन पर सीधा असर पड़ेगा। शिक्षकों ने इसे उनके करियर और आर्थिक सुरक्षा के साथ अन्याय बताया है।
आंदोलन में व्यापक भागीदारी और चेतावनी
मंगलवार को हुए आंदोलन में जीएमसी के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, डिमॉन्स्ट्रेटर और मेडिकल ऑफिसर बड़ी संख्या में शामिल हुए। उन्होंने अधिष्ठाता कार्यालय और शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीधी भर्ती प्रक्रिया का विरोध जताया। संघ के उपाध्यक्ष डॉ. जे.पी. अग्रवाल ने बताया कि 42 से अधिक पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से इस भर्ती का विरोध किया और पात्र शिक्षकों ने व्यक्तिगत रूप से बहिष्कार पत्र भी अधिष्ठाता को सौंपे। महासचिव डॉ. अविनाश ठाकुर ने प्रशासन को चेतावनी दी कि विज्ञप्ति निरस्त नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जबकि अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने पूर्ण कार्य बहिष्कार की भी बात कही है।
Gulzar Ahmad