मध्य प्रदेश में हनुमान जन्मोत्सव का दुर्लभ संयोग , विशेष मंदिरों में भव्य उत्सव

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मध्य प्रदेश में  हनुमान जन्मोत्सव  का  दुर्लभ संयोग , विशेष मंदिरों में  भव्य उत्सव

मध्य प्रदेश में हनुमान जन्मोत्सव: सैनिक से डॉक्टर रूप में बजरंगबली

आज पूरे मध्य प्रदेश में हनुमान जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और भक्ति भाव से मनाया जा रहा है। इस वर्ष यह उत्सव गुरुवार, हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग के एक दुर्लभ संयोग में आ रहा है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है। प्रदेशभर में विभिन्न शहरों में शोभायात्राएं, भंडारे और कई धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है।

प्रदेशभर में भव्य आयोजन और शोभायात्राएं

राजधानी भोपाल में, जय मां भवानी हिंदू संगठन की ओर से एक भव्य हिंदू एकता शोभायात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा कालीघाट मंदिर से शुरू होकर बैरसिया रोड तक जाएगी, जिसमें 15 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा, ढोल-नगाड़े, आतिशबाजी और आकर्षक झांकियां मुख्य आकर्षण का केंद्र हैं। इसके अतिरिक्त, बजरंग दल द्वारा शाम 4:30 बजे छोला रोड से वीर बजरंगी गदा यात्रा भी निकाली जाएगी। पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर हनुमान जी का प्राकट्य उत्सव मनाया जाता है, और इस बार का संयोग विशेष रूप से शुभ फलदायी है। गुरुवार, पूर्णिमा और हस्त नक्षत्र का यह मेल ग्रह पीड़ा से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।

मध्य प्रदेश के प्रमुख हनुमान मंदिर और उनकी विशेषताएं

भोपाल: खेड़ापति हनुमान मंदिर

करोंद स्थित 45 साल पुराने इस मंदिर में एक मनोकामना शिला है, जहाँ भक्त अपनी इच्छाएं लिखते हैं। यहाँ आज भंडारा, अखंड रामायण पाठ और सुबह-शाम आरती का आयोजन हो रहा है।

इंदौर: पितरेश्वर हनुमान मंदिर (पितृ पर्वत)

बिजासन रोड पर स्थित यह मंदिर देश की सबसे ऊंची बैठी हुई अष्टधातु की हनुमान प्रतिमा (करीब 72-108 फीट) के लिए प्रसिद्ध है। यह पितृ दोष निवारण और पितरों की शांति के लिए जाना जाता है और एक पर्यटन स्थल भी है।

इंदौर: रणजीत हनुमान मंदिर

इंदौर के फूटी कोठी रोड स्थित यह प्राचीन मंदिर विजय और संकट मोचन के लिए जाना जाता है। यहाँ हनुमान जी की प्रतिमा ढाल और तलवार लिए युद्ध मुद्रा (रणजीत रूप) में है, जो दुनिया में इकलौती मानी जाती है।

जबलपुर: अर्जी वाले हनुमान

ग्वारीघाट स्थित 100 वर्ष पुराने इस मंदिर में भक्त अपनी मन्नतें नारियल में बांधकर लटकाते हैं। यहाँ साल में एक बार 'बाल रूप' के दर्शन के लिए लंबी कतारें लगती हैं।

ग्वालियर: मंशापूर्ण हनुमान

ग्वालियर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे स्थित 300 साल पुराने इस मंदिर में मांगी गई हर मनोकामना पूरी होने की मान्यता है। यहाँ 26 साल से अखंड रामायण पाठ चल रहा है।

उज्जैन: गेबी हनुमान मंदिर

ढाबा रोड स्थित इस मंदिर में हनुमानजी का शृंगार सिंदूर की जगह हिंगलू और चमेली के तेल से होता है। काला धागा हनुमान जी को स्पर्श कराकर बुरी बला से मुक्ति पाने की मान्यता है।

भिंड: दंदरौआ सरकार (डॉक्टर हनुमान)

भिंड जिले में हनुमानजी को डॉक्टर रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि यहाँ आने से गंभीर बीमारियों में भी राहत मिलती है, और प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन करते हैं।

सागर: परेड वाले हनुमानजी

सागर के छावनी इलाके के परेड मंदिर में मूंछों वाले हनुमान सैनिक रूप में विराजमान हैं। एक लोक कथा के अनुसार, यहाँ हनुमान जी ने एक सैनिक के रूप में हाजिरी दी थी।

भोपाल में यातायात व्यवस्था में बदलाव

हनुमान जन्मोत्सव के आयोजनों के कारण भोपाल में यातायात पुलिस ने कुछ बसों के रूट बदले हैं। शाम 4 बजे से हलालपुर बस स्टैंड से चलने वाली बसें नादरा नहीं जाएंगी और वहीं से संचालित होंगी। जुलूस के दौरान पुराने शहर में सभी प्रकार के व्यावसायिक, लोक परिवहन और भारी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। आमजन से अपील की गई है कि वे जाम से बचने के लिए लालघाटी से वीआईपी रोड जैसे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

Adarsh Chaurasiya