कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन: हरियाणा के बाद राजस्थान और गोवा पर ध्यान
कांग्रेस पार्टी ने हाल ही में हरियाणा में संगठनात्मक बदलाव किए हैं और अब राजस्थान और गोवा में प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव की संभावनाओं पर विचार कर रही है। पार्टी ने हरियाणा में वरिष्ठ नेता राव नरेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है, जो अहीर जाति से आते हैं और तीन बार विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को हरियाणा कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाया गया है।
राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन पर विचार
राजस्थान में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए कई प्रमुख नामों पर चर्चा हो रही है। इनमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी महासचिव सचिन पायलट, मध्य प्रदेश के प्रभारी हरीश चौधरी और अशोक गहलोत सरकार में मंत्री रह चुके अशोक चांदना शामिल हैं। सचिन पायलट इस दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। वह ओबीसी समुदाय से आते हैं और पहले भी प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं।
गोवा में संभावित बदलाव
गोवा में गिरीश चोडणकर को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। चोडणकर, जो वर्तमान में तमिलनाडु और पुडुचेरी के प्रभारी हैं, ओबीसी समुदाय से आते हैं और राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं। पार्टी गोवा में चुनावी रणनीति को मजबूत करने और ओबीसी नेतृत्व को प्रमुखता देने के इरादे से यह बदलाव कर सकती है।
हरियाणा में बदलाव का प्रभाव
हरियाणा में बदलाव के बाद पार्टी ने जाट और ओबीसी समुदायों के गठजोड़ को लक्ष्य बनाया है। राव नरेंद्र सिंह ने उदय भान की जगह ली है, जो दलित समुदाय से आते थे। हरियाणा में करीब दो दशक बाद किसी गैर-दलित नेता को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इससे पहले भजन लाल इस पद पर थे।
संगठन सृजन अभियान का विस्तार
कांग्रेस पार्टी ने राज्यों में नए प्रयोग शुरू किए हैं, जिसमें संगठन सृजन अभियान भी शामिल है। इस अभियान के तहत प्रदेशों में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की जा रही है। पार्टी का लक्ष्य आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करना है।
हरियाणा विधानसभा चुनाव का संदर्भ
हरियाणा में पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 37 सीटें मिली थीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने 48 सीटों के साथ सरकार बनाई थी। इन नियुक्तियों से पार्टी ने अपने संगठन को पुनर्जीवित करने और समुदाय आधारित रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया है।
निष्कर्ष
कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा में संगठनात्मक बदलाव के बाद अब राजस्थान और गोवा में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी का प्रयास है कि ओबीसी और जाट समुदाय को प्रमुखता देते हुए संगठन को मजबूत किया जाए।