भाजपा के दिग्गज नेता बिहार चुनाव में मैदान में उतरने को तैयार

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भाजपा के दिग्गज नेता  बिहार चुनाव में मैदान में उतरने को तैयार

भाजपा के दिग्गज नेता बिहार चुनाव में उतरने को तैयार

बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। पार्टी ने अपने केंद्रीय नेताओं को चुनावी मैदान में उतारने की योजना बनाई है ताकि विभिन्न समुदायों को अपने पक्ष में किया जा सके।

गिरिराज सिंह की भूमिका

बेगूसराय से लोकसभा चुनाव जीतने वाले भूमिहार नेता गिरिराज सिंह को राज्य के तेज तर्रार 'हिंदू फायर ब्रांड नेता' के रूप में देखा जाता है। उनके चुनाव में उतरने से भाजपा को भूमिहार समाज का समर्थन और मजबूती मिल सकती है। यह समुदाय भाजपा का मजबूत वोट बैंक माना जाता है और गिरिराज सिंह इस रणनीति में पूरी तरह फिट बैठते हैं।

राजीव प्रताप रूडी पर दांव

सारण से भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी को भी चुनाव मैदान में उतारने की संभावना है। राजपूत समाज से आने वाले रूडी बिहार में भाजपा के एक मजबूत नेता माने जाते हैं। राजपूत समुदाय को लामबंद करने और संभावित वोटों के नुकसान को रोकने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है।

शाहनवाज हुसैन की संभावित भूमिका

पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन भी भाजपा की योजना का हिस्सा हो सकते हैं। मुस्लिम समुदाय से आने वाले हुसैन के मैदान में उतरने से भाजपा को अल्पसंख्यक वोटों का लाभ हो सकता है। वे पहले भी बिहार सरकार में महत्त्वपूर्ण मंत्रालय संभाल चुके हैं और चुनावी जीत के बाद उन्हें राज्य में प्रमुख जिम्मेदारी मिल सकती है।

अन्य नेताओं की चर्चा

भाजपा अन्य दिग्गज नेताओं को भी चुनाव में उतारने पर विचार कर रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के करीबी, राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र दुबे, रामकृपाल यादव, और सुशील कुमार सिंह जैसे नाम चर्चा में हैं। पार्टी इन नेताओं के माध्यम से ब्राह्मण, यादव और अन्य पिछड़े वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।

एनडीए की रणनीति

भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि पार्टी के पास केंद्रीय और प्रदेश स्तर के कई लोकप्रिय नेता हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा-जदयू और अन्य सहयोगी दल इस चुनाव में बड़ी जीत हासिल करेंगे और बिहार में एक बार फिर सुशासन की सरकार देंगे।

विपक्ष का नजरिया

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि भाजपा केंद्रीय नेताओं को मैदान में उतारकर अपनी हार को टालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जनता ने सत्ता में बदलाव का मन बना लिया है और एनडीए को चेहरों को बदलने से कोई लाभ नहीं होगा।

बिहार विधानसभा चुनावों में विभिन्न समुदायों को साधने की भाजपा की यह रणनीति कितनी सफल होगी, यह आने वाले समय में पता चलेगा।