ईरान की नई चेतावनी: होर्मुज स्ट्रेट से एक बूंद भी तेल बाहर नहीं जाने देंगे
ईरान ने एक बड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट से एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने देगा। ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों के गुजरने को लेकर एक नई शर्त रखी है। ईरान की सेना इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुताबिक, जिन देशों को इस रास्ते से अपने जहाज गुजारने हैं, उन्हें पहले इजराइल और अमेरिका के राजदूतों को अपने देश से निकालना होगा।
होर्मुज स्ट्रेट का महत्व और अमेरिकी प्रतिक्रिया
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है, जहां से हर साल दुनिया की करीब 20% तेल की आपूर्ति गुजरती है। अमेरिकी चैनल सीएनएन ने बताया है कि ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों, खासकर अमेरिका के सहयोगी देशों के जहाजों पर "सिक्योरिटी टैक्स" लगाने की योजना बना रहा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने तेल की आवाजाही रोकने की कोशिश की तो अमेरिका उस पर अब तक से 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा और ईरान के बिजली बनाने वाले ठिकानों को निशाना बनाएगा।
ईरान का पलटवार और वैश्विक बाजार पर असर
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ट्रम्प के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि युद्ध कब खत्म होगा, यह फैसला अमेरिका नहीं बल्कि ईरान करेगा। IRGC ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका और इजराइल के हमले जारी रहे, तो क्षेत्र से एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। ट्रम्प के युद्ध जल्द खत्म होने की बात कहने के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई, लेकिन वे अभी भी युद्ध-पूर्व स्तरों से लगभग 30% अधिक हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया है कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' में ईरान की सैन्य ताकत, जिसमें नौसेना, वायुसेना और मिसाइल लॉन्चर शामिल हैं, का लगभग 80% हिस्सा नष्ट कर दिया गया है।
क्षेत्रीय प्रभाव और मानवीय संकट
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते कई देशों में आर्थिक और मानवीय संकट गहरा गया है। मिस्र ने ईंधन की कीमतों में 30% तक की वृद्धि की है। पाकिस्तान और थाईलैंड ने सरकारी कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' योजनाएं लागू की हैं और ऊर्जा बचाने के लिए अन्य कदम उठाए हैं। इराक ने अपने हवाई क्षेत्र को 72 घंटे के लिए बंद कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के अनुसार, ईरान में 193 बच्चों और लेबनान में 83 बच्चों सहित हजारों नागरिक इन हमलों में मारे गए हैं। लाखों लोग, जिनमें अफगान और सीरियाई शरणार्थी शामिल हैं, अपने घरों को छोड़कर पलायन कर रहे हैं।
सैन्य गतिविधियां और कूटनीतिक तनाव
इस दौरान सैन्य गतिविधियां भी तेज हुई हैं। इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के 30 ठिकानों और ईरान की राजधानी तेहरान में परमाणु प्रयोगशालाओं पर हवाई हमले करने का दावा किया है। संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कुवैत ने ईरान से आने वाले ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक रोका है। तुर्किये ने अपने एयरस्पेस में ईरानी मिसाइल के घुसने के बाद ईरान के राजदूत को तलब किया है और नाटो के सहयोग से पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात किया है। ईरान के विदेश मंत्री ने दावा किया है कि अमेरिका और इजराइल का युद्ध विफल हो चुका है, जबकि ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार ने अमेरिका के साथ बातचीत की किसी भी गुंजाइश से इनकार करते हुए लंबे युद्ध की तैयारी की बात कही है।
Gulzar Ahmad