ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोला, ट्रम्प ने कहा 'शुक्रिया'; भारत ने 2,358 नागरिकों को निकाला सुरक्षित

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ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोला, ट्रम्प ने कहा 'शुक्रिया'; भारत ने 2,358 नागरिकों को निकाला सुरक्षित

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोला, ट्रम्प ने कहा 'शुक्रिया'

ईरान ने सीजफायर के दौरान होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोल दिया है, जिससे सभी कमर्शियल जहाजों को गुजरने की इजाजत होगी। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह फैसला लेबनान में सीजफायर के बाद लिया गया है। जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ते तय किए गए हैं ताकि समुद्री व्यापार प्रभावित न हो। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर ईरान को धन्यवाद दिया और खुशी जताई कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुल गया है।

भारत ने ईरान से 2,358 नागरिकों को सुरक्षित निकाला

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत ने अब तक ईरान से 2,358 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इन लोगों को ईरान से निकालकर आर्मेनिया और अजरबैजान पहुंचाया गया, जहां से उनकी भारत वापसी कराई जा रही है। भारत को हॉर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित आवाजाही बहाल करने के लिए ब्रिटेन और फ्रांस की पहल में शामिल होने का निमंत्रण भी मिला है। भारत ने इजराइल और लेबनान के बीच हुए सीजफायर का भी स्वागत किया है।

ट्रम्प का दावा: ईरान यूरेनियम सौंपने को तैयार

ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान अपने एनरिच्ड (संवर्धित) यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है, जिसका इस्तेमाल परमाणु हथियार बनाने में होता है। ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि दोनों देश शांति समझौते के काफी करीब हैं और डील होने पर तेल की सप्लाई शुरू हो जाएगी। उन्होंने पाकिस्तान जाने की संभावना भी जताई, यदि समझौता इस्लामाबाद में होता है। हालांकि, ईरानी मीडिया ने ट्रम्प के दावों को गलत बताते हुए कहा कि वे "हवाई किले" बना रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय एजेंसी IAEA की रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के पास करीब 5 से 6 टन एनरिच्ड यूरेनियम है, हालांकि यह परमाणु हथियार बनाने के लिए पर्याप्त रूप से एनरिच्ड नहीं है। अभी लगभग 120-130 किलोग्राम यूरेनियम 60% तक एनरिच्ड है, जबकि परमाणु हथियार के लिए 90% एनरिच्डमेंट की आवश्यकता होती है।

इजराइल-लेबनान सीजफायर और क्षेत्रीय घटनाक्रम

अमेरिका की पहल पर इजराइल और लेबनान शुक्रवार से 10 दिन के सीजफायर पर राजी हो गए हैं। इस दौरान इजराइल को आत्मरक्षा का अधिकार रहेगा, लेकिन वह लेबनान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई नहीं करेगा। लेबनान सरकार पर हिजबुल्लाह को इजराइल पर हमले करने से रोकने का दबाव है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिक फिर से हथियारों से लैस हो रहे हैं और यदि ईरान के साथ बातचीत विफल होती है, तो वे लड़ाई के लिए तैयार हैं। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई रोकने वाले प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।

तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने लेबनान पर इजराइल के हमलों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया। ईरान ने किसी भी अस्थायी सीजफायर को अस्वीकार करते हुए पूरे क्षेत्र में युद्ध की स्थायी समाप्ति की मांग की है। इजराइल में सीजफायर को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है, कई लोग फैसले से असंतुष्ट हैं। लेबनान के सिडोन शहर में युद्धविराम लागू होने के बाद विस्थापित लोग अपने घरों को लौटने लगे।

ट्रम्प ने ईरान समर्थित हिजबुल्लाह से इजराइल के साथ संघर्षविराम का पालन करने की अपील की है। लेबनानी सेना ने सीजफायर के कई उल्लंघनों की सूचना दी है। हिजबुल्लाह ने इजराइली सैन्य ठिकानों पर बड़े हमलों का दावा किया है। इजराइल ने स्पष्ट किया है कि सीजफायर के दौरान भी उसकी सेना दक्षिणी लेबनान में तैनात रहेगी। दक्षिणी लेबनान के घाजियेह कस्बे में इजराइली हमले में कम से कम 8 लोगों की मौत हुई और 33 घायल हुए।

आर्थिक प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के चीफ फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट के लंबे समय तक बंद रहने से ऊर्जा की कीमतें बढ़ सकती हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद और सीजफायर लागू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड 1.35% गिरकर 98.05 डॉलर प्रति बैरल पर, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 1.74% टूटकर 93.40 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

पाकिस्तान ने लेबनान में घोषित युद्धविराम का स्वागत किया और ट्रम्प के प्रयासों की सराहना की। यूके और फ्रांस लगभग 40 देशों की एक बड़ी बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें होर्मुज में नाकेबंदी और उसके वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ रहे असर पर चर्चा होगी। फ्रांस ने कहा है कि यूरोपीय देशों के पास होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री बारूदी सुरंगें हटाने और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता है। G-7 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों ने चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट में लंबे समय से चल रहे युद्ध के आर्थिक नुकसान को कम करना अब बेहद जरूरी हो गया है।

अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम

अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी के प्रमुख जेम्स एडम्स ने बताया कि अमेरिकी हमलों के बावजूद ईरान के पास अब भी हजारों मिसाइलें और ड्रोन मौजूद हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेनाएं तैनात और तैयार हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिए हैं कि चीन ईरान को एडवांस रडार सिस्टम देने पर विचार कर रहा था। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी लागू करने के लिए 12 जहाज, 100 विमान और 10,000 से ज्यादा सैनिक तैनात किए हैं, जिससे अब तक 14 जहाजों को वापस मुड़ना पड़ा है।

ट्रम्प ने ईरान में चल रही सैन्य कार्रवाई को "छोटी सी डायवर्जन" बताया और दावा किया कि इसके नतीजे जल्द ही सामने आएंगे। उन्होंने पीएम मोदी को अपना दोस्त बताते हुए हाल ही में हुई फोन बातचीत को बहुत अच्छा बताया। ईरानी सरकारी मीडिया ने ट्रम्प के दावों का मजाक उड़ाया। ट्रम्प ने युद्धविराम बढ़ाने के सवाल को टालते हुए कहा कि शायद इसकी जरूरत न पड़े और समझौते को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने दुनिया के 9 युद्धों को सुलझा लिया है और यह दसवां है। साउथ कोरिया ने ईरान जंग से जूझ रहे आम लोगों की मदद के लिए 38 हजार करोड़ रुपए का राहत पैकेज जारी किया है। कतर के विदेश मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी युद्धविराम समझौते का स्वागत किया है।

Amit Pateria