ईरान ने सऊदी तेल पाइपलाइन पर किया मिसाइल हमला, लेबनान में इजरायली हमले में 250 से ज्यादा की मौत

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ईरान ने  सऊदी तेल पाइपलाइन  पर किया मिसाइल हमला,  लेबनान में इजरायली हमले  में 250 से ज्यादा की मौत

ईरान ने सऊदी तेल पाइपलाइन पर किया हमला, लेबनान में इजरायली हमलों में 254 की मौत

बुधवार को ईरान ने सऊदी अरब की महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया। यह पाइपलाइन होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने के लिए बनाई गई थी। वहीं, लेबनान में इजराइल के हमलों में 254 लोगों की मौत हो गई और 800 से ज्यादा घायल हुए हैं। इजराइल ने इन हमलों को अपना अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त हमला बताया है।

सऊदी तेल पाइपलाइन पर ईरान का हमला

ईरान ने सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर हमला किया है। यह पाइपलाइन सऊदी अरब के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश के पूर्वी हिस्से से हर दिन लगभग 70 लाख बैरल तेल यनबू पोर्ट तक पहुंचाती है। इस हमले से देश की अन्य तेल सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। यह पाइपलाइन होर्मुज स्ट्रेट को दरकिनार करने के लिए बनाई गई थी, जो मध्य-पूर्व में तेल शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।

लेबनान पर इजरायली हमले और ईरान की चेतावनी

लेबनान में इजराइल के हमलों से भारी जानमाल का नुकसान हुआ है, जहां 254 लोगों की मौत हो चुकी है और 800 से अधिक घायल हुए हैं। इजराइल ने इन हमलों को अपना अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त हमला बताया है। उधर, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि इजराइल लेबनान पर हमला जारी रखता है, तो वह युद्धविराम तोड़ सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। लेबनान को अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम में शामिल नहीं किया गया है, जिसके चलते वहां इजरायली हमले जारी हैं।

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नई योजना

ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल के जहाजों से प्रत्येक बैरल पर 1 डॉलर का टोल टैक्स वसूलने की योजना बना रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स के सूत्रों के अनुसार, इस भुगतान के लिए क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग किया जाएगा। ईरान का कहना है कि यह कदम हथियारों की आवाजाही को रोकने और जहाजों पर नियंत्रण रखने के लिए उठाया जा रहा है। जहाजों को पहले अपने माल की जानकारी देनी होगी, जिसके बाद ही उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिलेगी। यह प्रक्रिया समय ले सकती है क्योंकि ईरान किसी जल्दबाजी में नहीं है।

अन्य संबंधित घटनाक्रम

थाई नाविकों की मौत की पुष्टि

पिछले महीने होर्मुज स्ट्रेट में हुए हमले में लापता हुए तीन थाई नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है। 11 मार्च को थाई झंडे वाले बल्क कैरियर 'मयूरी नारी' पर हुए हमले के बाद ओमान की अथॉरिटीज ने 20 लोगों को बचाया था। थाईलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सिहासक फुआंगकेतकेओ ने इसकी जानकारी दी।

बेरूत में ताजा इजरायली हमला

लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाके चियाह में इजराइल के ताजा हवाई हमले में एक इमारत ढह गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है और राहतकर्मी टॉर्च की रोशनी में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं। अभी तक किसी आधिकारिक मौत या घायल का आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।

अमेरिका और ब्रिटेन में प्रदर्शन

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने के बावजूद, अमेरिका और ब्रिटेन में युद्ध को पूरी तरह खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए। न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में सैकड़ों लोग जुटे, जिन्होंने "स्टॉप द वॉर ऑन ईरान" और "स्टॉप बॉम्बिंग लेबनान नाउ" जैसे पोस्टर लहराए। लंदन में इजराइल के दूतावास के बाहर भी प्रदर्शनकारियों ने लेबनान पर हमलों को तुरंत बंद करने की मांग की।

इजराइल पर रॉकेट हमला

लेबनान से उत्तरी इजराइल की ओर दागे गए एक रॉकेट को इजरायली सेना ने हवा में ही मार गिराया। इस हमले के बाद उत्तरी इजराइल के गैलीली क्षेत्र में एयर रेड सायरन बजाए गए और लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया।

डोनाल्ड ट्रम्प की NATO पर टिप्पणी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने NATO की आलोचना करते हुए ट्रूथ सोशल पर लिखा कि यह गठबंधन जरूरत के समय अमेरिका के साथ नहीं खड़ा होता। उन्होंने NATO को 'न पहले साथ था और न भविष्य में होगा' बताया। ट्रम्प ने इससे पहले भी ग्रीनलैंड को लेकर टिप्पणी की थी, जिसे यूरोपीय देशों ने चिंताजनक बताया था।

ईरान में 'सत्ता परिवर्तन' के दावे खारिज

ईरान के निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी ने फ्रेंच मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में ईरान में अमेरिका के 'सत्ता परिवर्तन' के दावों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि ईरान में सत्ता में कोई वास्तविक बदलाव नहीं आया है और मौजूदा शासन को 'जख्मी जानवर' बताते हुए इसे खत्म करने की बात कही।

NATO सहयोगियों से ट्रम्प की निराशा

राष्ट्रपति ट्रम्प NATO सहयोगियों से ईरान मुद्दे पर पर्याप्त समर्थन न मिलने से निराश हैं। NATO प्रमुख मार्क रुट ने मुलाकात के बाद यह जानकारी दी। रुट ने कहा कि यूरोपीय देशों ने रसद, ओवरफ्लाइट और बेसिंग जैसे तरीकों से सहयोग दिया, लेकिन सीधे सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं हुए। इसके बावजूद ट्रम्प ने NATO सहयोगियों पर निशाना साधा।

Amit Pateria