ईरानी राष्ट्रपति पजशकियान को अमेरिकी वीजा, UNGA में भाग लेंगे
अमेरिका और ईरान के बीच सात महीने से जारी युद्ध के बावजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक में शामिल होंगे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को घोषणा की कि दोनों नेताओं को वीजा दे दिया गया है। युद्ध आरंभ होने के बाद यह पहला अवसर है जब ईरान के शीर्ष नेतृत्व अमेरिका पहुंचेगा।
गिरफ्तारी की संभावना नहीं: दो प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार पजशकियान की न्यूयॉर्क में गिरफ्तारी नहीं हो सकती। पहला कारण अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत मौजूदा राष्ट्राध्यक्षों को प्राप्त विशेष कानूनी सुरक्षा है, जिसका उद्देश्य किसी देश द्वारा दूसरे देश के वर्तमान राष्ट्रपति को मनमाने ढंग से गिरफ्तार करने से रोकना है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं कि कभी कानूनी कार्रवाई असंभव है; यह अदालत, आरोप और संबंधित देश के कानून पर निर्भर करता है। निकोलस मादुरो का उदाहरण दिया जाता है जिन्हें अमेरिका ने गिरफ्तार किया था, लेकिन तब अमेरिका उन्हें वेनेजुएला का वैध राष्ट्रपति नहीं मानता था। दूसरा कारण संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय की मेजबानी से जुड़ा अमेरिकी दायित्व है। UN नियमों के अनुसार अमेरिका किसी विदेशी प्रतिनिधि को UN के आधिकारिक कार्यों में भाग लेने से नहीं रोक सकता, हालांकि UN परिसर के बाहर आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
आवाजाही प्रतिबंध, संभावित वार्ता और अन्य घटनाक्रम
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार ईरानी अधिकारियों की न्यूयॉर्क में आवाजाही सीमित रहेगी और वे केवल UN मुख्यालय, ईरान के UN मिशन तथा कुछ निर्धारित क्षेत्रों के बीच आ-जा सकेंगे। लग्जरी सामान और कुछ अन्य वस्तुओं की खरीद पर भी रोक रहेगी; अमेरिका पूर्व में भी ऐसे प्रतिबंध लगा चुका है। UNGA के दौरान इस पर नजर रहेगी कि क्या अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच कोई वार्ता होती है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हाल के महीनों में कई बार दावा कर चुके हैं कि उनके प्रशासन और ईरानी अधिकारियों के बीच वार्ता हुई है, जबकि ईरान ने ऐसे किसी संवाद से इनकार किया है।
इसी बीच अमेरिका ने लगातार दूसरे वर्ष फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास को UNGA में भाग लेने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया है। फिलिस्तीनी प्राधिकरण (PA) और फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (PLO) के कई अधिकारियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। अब्बास को पिछले वर्ष की भांति वीडियो के माध्यम से UNGA को संबोधित करने की अनुमति दी गई है। अमेरिका का कहना है कि यह निर्णय फिलिस्तीनी नेतृत्व की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में इजराइल के विरुद्ध कानूनी कदमों के कारण लिया गया है, जबकि फिलिस्तीनी विदेश मंत्रालय ने इसका विरोध करते हुए कहा कि ऐसे कदम शांति और राजनीतिक समाधान के प्रयासों को कमजोर करते हैं।
इस बार UNGA ऐसे समय हो रही है जब विश्व में कई प्रमुख संघर्ष जारी हैं। अमेरिका-ईरान युद्ध के अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव भी चर्चा का विषय होगा। वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर प्रभाव भी एक बड़ा मुद्दा रहेगा; अमेरिका-ईरान युद्ध का असर तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ा है।
Pushpendra Chaubey