ईरान पर इजराइली हमलों से तेहरान में बिजली गुल, वैश्विक बाजारों में गिरावट
इज़राइली हमलों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान और करज के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है। ईरान के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, हमलों के मलबे से अलबोर्ज प्रांत में पावरग्रिड को नुकसान पहुंचा है, जिससे बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट हो गया। बिजली कटौती के बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और 'अल्ला हू अकबर' के नारे लगाने लगे। लोग घरों और छतों से भी नारेबाजी करते नजर आए। हालांकि, उप ऊर्जा मंत्री ने कहा है कि बिजली सप्लाई जल्द बहाल कर दी जाएगी और स्थिति नियंत्रण में है।
इजराइल-ईरान संघर्ष: हमले और जवाबी कार्रवाई
ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने घोषणा की है कि देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका और इजराइल से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई जारी है। IRGC के एयरोस्पेस कमांडर सैयद माजिद मौसवी के मुताबिक, नियोत होवाव के केमिकल इंडस्ट्रीज, एक रिफाइनरी, दो स्टील कॉम्प्लेक्स और दो एल्युमिनियम मेगा कॉम्प्लेक्स को अब तक निशाना बनाया गया है।
दूसरी ओर, ईरान ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। ईरान के प्रेस टीवी के अनुसार, प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर किए गए इस हमले में अमेरिकी सैन्य उपकरणों को भारी नुकसान हुआ है, जिसमें बोइंग E-3 सेंट्री विमान भी शामिल है, जो हवाई निगरानी और युद्ध के दौरान समन्वय के लिए इस्तेमाल होता है। ईरान ने इस हमले में 6 बैलिस्टिक मिसाइल और 29 ड्रोन दागे, जिसमें 10 से 15 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अभी तक इस हमले और नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
कुवैत में भी बिजली और पानी के प्लांट पर घातक हमला हुआ है, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। इससे एक दिन पहले ही कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि देश के हवाई क्षेत्र में 14 मिसाइलें और 12 ड्रोन देखे गए थे, जिनमें से कई ने एक सैन्य कैंप को निशाना बनाया था, जिससे 10 सैनिक घायल हुए थे।
कूटनीतिक प्रयास और ट्रंप के बयान
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बताया कि इस्लामाबाद में पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बैठक उपयोगी रही, जिसमें क्षेत्रीय हालात और युद्ध को जल्द व स्थायी रूप से खत्म करने के तरीकों पर चर्चा की गई। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी करने की पेशकश की है, ताकि संघर्ष को स्थायी रूप से समाप्त किया जा सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए जल्द समझौता हो सकता है, लेकिन उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर ईरान ने अमेरिका का प्रस्ताव नहीं माना तो "उनके पास देश ही नहीं बचेगा।" ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने बातचीत के संकेत के तौर पर 20 बड़े तेल जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी है, जिनकी शिपमेंट सोमवार से शुरू होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के खार्ग द्वीप पर कब्जा करने के विकल्प पर विचार कर रहा है, जो ईरान के लिए बेहद अहम तेल केंद्र है, जहां से उसके लगभग 90 प्रतिशत तेल का निर्यात होता है। ट्रंप के अनुसार, ईरान ने अमेरिका की 15 मांगों में से ज्यादातर को मान लिया है, जिसे पाकिस्तान के जरिए ईरान तक पहुंचाया गया था।
क्षेत्रीय तनाव और आर्थिक प्रभाव
लेबनान के सशस्त्र संगठन हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजराइल के मेटुला शहर पर रॉकेट दागने और दक्षिण लेबनान में इजराइली सैनिकों व उनके वाहनों को निशाना बनाने का दावा किया है। इस बीच, भारत आ रहे दो एलपीजी टैंकरों ने भारतीय नौसेना की सुरक्षा में होर्मुज स्ट्रेट पार कर लिया है, इन जहाजों पर 94 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लदी है। ये दोनों टैंकर इसी हफ्ते मुंबई पहुंच सकते हैं।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के कारण जापान के शेयर बाजार इंडेक्स निक्केई 225 में 2,600 अंकों से ज्यादा यानी करीब 4.94 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी 231.04 अंकों की गिरावट के साथ प्रभावित हुआ।
ईरान में सत्ता परिवर्तन का दावा और तेहरान में धमाका
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान में पहले ही सत्ता बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि युद्ध के शुरुआती दिनों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत के बाद वहां की स्थिति पूरी तरह बदल गई है। ट्रंप के मुताबिक, खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई भी या तो मारे जा चुके हैं या गंभीर रूप से घायल हैं। इसी बीच, ईरान की राजधानी तेहरान में एक जोरदार धमाका होने की खबर सामने आई है, हालांकि अभी तक इस धमाके के कारण या किसी नुकसान की जानकारी नहीं मिली है।
Navjeet Kaur