इंदौर अंडरग्राउंड मेट्रो को केंद्र की मंजूरी, भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया लॉन्च, 10 लाख रोजगार की उम्मीद

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इंदौर अंडरग्राउंड मेट्रो को केंद्र की मंजूरी, भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया लॉन्च, 10 लाख रोजगार की उम्मीद

इंदौर अंडरग्राउंड मेट्रो को केंद्र की मंजूरी, भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया का नक्शा लॉन्च

मध्यप्रदेश को मेट्रो और शहरी विकास के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। केंद्र सरकार ने इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो परियोजना को मंजूरी दे दी है। इसकी घोषणा केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में की।

इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर

इंदौर में खजराना से एयरपोर्ट तक मेट्रो ट्रैक भूमिगत बनाया जाएगा। यह ट्रैक लगभग 8.7 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें करीब 7 अंडरग्राउंड स्टेशन प्रस्तावित हैं। मेट्रो कॉरपोरेशन के अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना का विस्तृत डिटेल प्लान तैयार किया जा रहा है। डीपीआर के बाद लागत राशि और अन्य वित्तीय व तकनीकी पहलुओं पर स्पष्टता आएगी।

भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया का आधिकारिक शुभारंभ

इसी कार्यक्रम में भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया का आधिकारिक नक्शा लॉन्च किया गया। साथ ही लगभग 5800 करोड़ रुपये की लागत वाले 262 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण सिंगल क्लिक से किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे भोपाल में मेट्रो संचालन शुरू होने के ऐतिहासिक क्षण के रूप में वर्णित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर के बाद अब भोपाल को भी मेट्रो की सौगात मिल रही है और इसी दिन इंदौर अंडरग्राउंड मेट्रो को केंद्रीय स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर को स्मृति-चिह्न रूप में मेट्रो मॉडल भेंट किया।

भोपाल में अंडरग्राउंड रूट और मेट्रो प्रोजेक्ट

भोपाल में भी अंडरग्राउंड मेट्रो रूट पर कार्य चल रहा है। यह रूट ऑरेंज लाइन के सुभाषनगर से करोंद के बीच दूसरे चरण में विकसित किया जा रहा है। कुल 8.77 किलोमीटर लंबे इस खंड में 3.39 किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड होगा। इस भूमिगत हिस्से में भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड दो प्रमुख स्टेशन शामिल रहेंगे। इस पूरे कार्य पर करीब 890 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

इस रूट के मार्ग में आरा मशीनों सहित कई अतिक्रमण हैं जिन्हें हटाने की प्रक्रिया जारी है, ताकि निर्माण कार्य में बाधा न रहे।

भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया की सीमा और संरचना

भोपाल महानगरीय क्षेत्र में भोपाल के अलावा रायसेन, विदिशा, राजगढ़, सीहोर और नर्मदापुरम जिले शामिल किए गए हैं। इस क्षेत्र में 12 नगरीय निकाय, 30 तहसीलें और 2524 ग्राम शामिल होंगे तथा इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 12,099 वर्ग किलोमीटर होगा।

इसके लिए महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के गठन की पहल की गई है। इस मेट्रोपॉलिटन एरिया में मंडीदीप और गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, भोपाल आईटी पार्क, आष्टा एग्रो प्रोसेसिंग और मोहासा इंडस्ट्रियल एरिया को भी शामिल किया जाएगा। अनुमान है कि इन परियोजनाओं और क्षेत्रीय विकास से करीब 10 लाख रोजगार सृजित हो सकते हैं।

सड़क और रेल कनेक्टिविटी में तेजी

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन को मंजूरी मिल चुकी है, जिस पर लगभग 18,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे और आगरा-ग्वालियर हाई-स्पीड कॉरिडोर से भी प्रदेश को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं से प्रदेश की सड़क और रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री का संदेश और मेट्रो नेटवर्क पर जोर

भोपाल में मेट्रो ट्रेन के शुभारंभ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संदेश भेजकर कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि मध्यप्रदेश विकास की नई बुलंदियों को छुए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद विकास की गति दोगुनी हुई है और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से प्रदेश को बड़ा लाभ मिला है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में मेट्रो ट्रेन केवल 4 शहरों तक सीमित थी, जबकि आज दो दर्जन से अधिक शहरों में एक हजार किलोमीटर से अधिक का मेट्रो ट्रैक मौजूद है। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क वाला देश बन चुका है। उन्होंने कहा कि भोपाल में 7 किलोमीटर के मेट्रो ट्रैक के शुभारंभ से शहरी विकास को नए आयाम मिलेंगे।

केंद्रीय मंत्री खट्टर का संबोधन

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भोपाल में लगभग 30 किलोमीटर क्षेत्र की मेट्रो ट्रेन के पहले चरण के शुभारंभ पर नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने भोपाल महानगरीय क्षेत्र बनाने की पहल की सराहना की और कहा कि भोपाल के निकटवर्ती जिलों को महानगरीय क्षेत्र में शामिल होने से विकास के नए अवसर मिलेंगे।

भोपाल मेट्रो सेवा का औपचारिक शुभारंभ

राजधानी भोपाल में मेट्रो सेवा का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत की। इसके बाद दोनों नेताओं ने सुभाष नगर से एम्स तक मेट्रो में सफर किया। इस ऐतिहासिक उद्घाटन यात्रा में 30 स्कूली बच्चों सहित लगभग 300 लोग मेट्रो ट्रेन में सवार रहे।

इंदौर और भोपाल के महानगर बनने की दिशा

इंदौर और भोपाल के महानगर बनने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। सरकार ने मध्यप्रदेश मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 2025 का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग को मंजूरी दे दी है। एक सप्ताह के भीतर यह ड्राफ्ट तैयार कर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति को भेजा जाएगा।

समापन के रूप में, इंदौर के अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर की केंद्रीय स्वीकृति, भोपाल में मेट्रो संचालन की शुरुआत और मेट्रोपॉलिटन एरिया के गठन की प्रक्रिया, मध्यप्रदेश में शहरी परिवहन और क्षेत्रीय विकास के नए चरण की शुरुआत मानी जा रही है। इन परियोजनाओं से भविष्य में रोजगार, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है।

Vivek Singh