इंदौर भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 24 मौतें, मेयर ने पीया नल का पानी

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इंदौर भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 24 मौतें, मेयर ने पीया नल का पानी

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 24 लोगों की मौत

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण गंभीर स्थिति बनी हुई है। इस घटना में अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी अस्पताल में उपचार ले रहे हैं।

आईसीयू और वार्ड में अब भी 16 मरीज भर्ती

दूषित पानी से बीमार पड़े लोगों में से कुल 16 मरीज अभी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें 6 मरीज आईसीयू में भर्ती थे, जिनमें से 1 को स्थिति में सुधार के बाद वार्ड में शिफ्ट किया गया है। तीन मरीज लंबे समय से वेंटिलेटर पर हैं। इसके अलावा वार्ड में 11 मरीज भर्ती हैं, जिनका इलाज जारी है।

मेयर और पार्षद ने नल का पानी पीकर की गुणवत्ता की जांच

शुक्रवार को इंदौर नगर निगम के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने भागीरथपुरा क्षेत्र में जलप्रदाय की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने नर्मदा जलप्रदाय के तहत आने वाले नल से ग्लास में पानी भरकर स्वयं पीया, ताकि उसकी गुणवत्ता की पुष्टि की जा सके। उनके साथ क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने भी नल का पानी पीकर स्थानीय निवासियों में भरोसा पैदा करने की कोशिश की।

लगातार राहत और सुधारात्मक कार्य जारी

मेयर ने बताया कि नगर निगम, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि मिलकर पिछले कई दिनों से राहत एवं सुधारात्मक कार्य कर रहे हैं। इस कार्य में स्थानीय नागरिकों का सहयोग भी मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि बीते तीन दिनों से क्षेत्र में नियमित जलप्रदाय किया जा रहा है और साथ ही पानी के सैंपल लेकर सभी आवश्यक जांचें की जा रही हैं। इन जांचों में निर्धारित मानकों के अनुरूप पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की गई है।

30 प्रतिशत क्षेत्र में नर्मदा जलप्रदाय पुनः शुरू

सभी जांचों में पानी सुरक्षित पाए जाने के बाद शुक्रवार को भागीरथपुरा के लगभग 30 प्रतिशत हिस्से में नर्मदा जलप्रदाय दोबारा शुरू कर दिया गया है। इस क्षेत्र में लगभग 15 हजार की आबादी रहती है।

नागरिकों के लिए सावधानियां और प्रशासन की अपील

मेयर ने भागीरथपुरा के लोगों से अपील की कि जलप्रदाय बहाल होने के बावजूद वे सावधानी बरतें और पानी को उबालकर ही उपयोग में लें। साथ ही नगर निगम, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की समस्या या असुविधा महसूस हो, तो लोग तुरंत नगर निगम या जिला प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते समस्या का समाधान किया जा सके।

दूषित पानी कांड का गंभीर प्रभाव

दूषित पानी की इस घटना ने भागीरथपुरा क्षेत्र में स्वास्थ्य संकट पैदा कर दिया है, जहां 24 लोगों की मौत हो चुकी है और कई परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रशासन द्वारा जांच, उपचार और सुरक्षित जल आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी हैं, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो।

Adarsh Chaurasiya