इंडिगो की मोनोपॉली पर CCI की नजर, DGCA ने कड़ा एक्शन शुरू

· 1 min read
इंडिगो की मोनोपॉली पर CCI की नजर, DGCA ने कड़ा एक्शन शुरू

इंडिगो की मोनोपॉली पर कॉम्पिटिशन कमीशन की जांच, DGCA ने नियम सख्त किए

एविएशन सेक्टर में इंडिगो एयरलाइन की एकतरफा पकड़ अब जांच के दायरे में आ गई है। देश में निष्पक्ष कारोबार पर नजर रखने वाली संस्था कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) यह जांच कर रही है कि क्या देश की सबसे बड़ी एयरलाइन ने अपनी मोनोपॉली बनाए रखने के लिए प्रतिस्पर्धा के नियमों का उल्लंघन किया है।

कॉम्पिटिशन एक्ट की धारा 4 के उल्लंघन के आरोप

इंडिगो पर संकट को कॉम्पिटिशन एक्ट की धारा 4 का खुला उल्लंघन माना जा रहा है। इस प्रावधान के अनुसार कोई भी कंपनी अपने बाजार प्रभुत्व के बल पर मनमानी कीमतें नहीं वसूल सकती और न ही सेवाओं को मनमाने तरीके से संचालित कर ग्राहकों को ब्लैकमेल कर सकती है। CCI अंदरूनी तौर पर इंडिगो की मोनोपॉली वाली स्थिति, खास रूट्स पर उसके दबदबे और ताकत के गलत इस्तेमाल जैसे कई पहलुओं की छानबीन कर रहा है। यदि किराया बढ़ाने का मामला साबित होता है तो आयोग औपचारिक जांच के आदेश दे सकता है।

यात्रियों को मुआवजा देने की तैयारी

इंडिगो की प्रवक्ता ने बताया कि एयरलाइन 3, 4 और 5 दिसंबर की उन उड़ानों की सूची तैयार कर रही है, जिनमें यात्रियों को भारी परेशानी हुई और वे हवाई अड्डों पर फंसे रहे। कंपनी का कहना है कि ऐसी सभी उड़ानों के यात्रियों से जनवरी में सीधे संपर्क किया जाएगा, ताकि उन्हें मुआवजा आसानी से दिया जा सके।

क्रू संकट और बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की ओर से एविएशन नियमों में बदलाव के चलते दिसंबर के पहले सप्ताह में इंडिगो में क्रू मेंबर्स की भारी कमी हो गई थी। इसके कारण 1 से 10 दिसंबर के बीच इंडिगो की 5,000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ को सौंपी आंतरिक जांच

इंडिगो ने इस संकट की आंतरिक जांच पूरी तरह एक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ को सौंपने का फैसला किया है। कंपनी के सीईओ पीटर एल्बर्स शुक्रवार को DGCA की समिति के सामने पेश हुए। इससे पहले ही एयरलाइन ने स्वतंत्र जांच की जिम्मेदारी विश्व प्रसिद्ध एविएशन विशेषज्ञ कैप्टन जॉन इल्सन को दे दी थी। यह कदम संकेत देता है कि एयरलाइन अपने ऑपरेशनल मॉडल और प्रबंधन प्रक्रियाओं की गहराई से समीक्षा करवाने के दबाव में है। बताया गया है कि इल्सन चार दशकों में शीर्ष वैश्विक संस्थानों का नेतृत्व कर चुके हैं और उनकी नियुक्ति इंडिगो बोर्ड के क्राइसिस मैनेजमेंट समूह की सिफारिश पर की गई है।

DGCA का कड़ा रुख, चार फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर बर्खास्त

DGCA ने इंडिगो के चार फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर ऋषि राज चटर्जी, सीमा झामनानी, अनिल कुमार पोखरियाल और प्रियम कौशिक को बर्खास्त कर दिया है। ये अधिकारी एयरलाइन की सुरक्षा और ऑपरेशनल अनुपालन की निगरानी कर रहे थे।

नई निगरानी व्यवस्था और ऑन-द-ग्राउंड निरीक्षण

देशभर में उड़ानों में देरी, भीड़भाड़, स्टाफ की कमी और ऑपरेशनल बाधाओं की बढ़ती घटनाओं के बीच DGCA ने निगरानी व्यवस्था में व्यापक बदलाव का आदेश दिया है। यह आदेश शुक्रवार से तत्काल लागू कर दिया गया। पहली बार इतना व्यापक और जमीन पर आधारित निरीक्षण तंत्र मानकीकृत प्रक्रिया के रूप में लागू किया गया है, जिससे एयरपोर्ट ऑपरेटरों और एयरलाइंस दोनों के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

12 पेज के नए आदेश के तहत लाइसेंसिंग कंप्लायंस, प्रशिक्षण रिकॉर्ड, ड्यूटी रोस्टर, थकान प्रबंधन, स्टाफ की उपलब्धता, ग्राउंड हैंडलिंग ऑपरेशंस, सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम, जोखिम आकलन, रैंप सुरक्षा और इमरजेंसी रिस्पांस जैसे क्षेत्रों की विस्तृत जांच की जाएगी। साथ ही भीड़ नियंत्रण, चेक-इन और सुरक्षा कतारों का प्रबंधन, हेल्प डेस्क, सूचना प्रसार, पीने के पानी की उपलब्धता, बैठने की व्यवस्था, बैगेज डिलीवरी और विशेष जरूरतों वाले यात्रियों की सहायता जैसी सेवाओं का मौके पर आकलन किया जाएगा।

रिफंड और बैगेज की वापसी

इंडिगो ऑपरेशन संकट के बीच रविवार शाम तक एयरलाइन यात्रियों को 610 करोड़ रुपये का रिफंड दे चुकी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, कंपनी देशभर में यात्रियों के 3,000 से अधिक बैगेज भी लौटाए जा चुके हैं।

इन सभी कदमों के बीच इंडिगो पर मोनोपॉली और नियमों के उल्लंघन के आरोपों की जांच जारी है, जबकि नियामक एजेंसियां सिस्टम को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए सख्त कदम उठा रही हैं।

Pushpendra Chaubey