जहरीला सिरप कांड: डॉक्टर की जमानत खारिज, फार्मास्युटिकल कंपनी पर कार्रवाई
मध्य प्रदेश में 25 बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार कोल्ड्रिफ कफ सिरप विवाद में नए खुलासे हुए हैं। परासिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर प्रवीण सोनी ने कोर्ट में स्वीकार किया कि उन्होंने 10% कमीशन के बदले इस सिरप को प्रिस्क्राइब किया था। इस सिरप में जहरीले तत्व पाए गए, जिससे बच्चों की जान गई।
डॉक्टर और कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई
मामले में अब तक डॉक्टर प्रवीण सोनी सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के केमिकल एनालिस्ट और अन्य कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है। तमिलनाडु स्थित श्रीसन फार्मा का लाइसेंस रद्द कर कंपनी को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
WHO की चेतावनी और जांच
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोल्ड्रिफ समेत तीन कफ सिरप को लेकर चेतावनी जारी की थी, जिनमें जानलेवा रसायन पाए गए थे। इस सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की मात्रा तय सीमा से 500 गुना अधिक थी। श्रीसन फार्मा की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में मानकों का उल्लंघन पाया गया, जहां घटिया गुणवत्ता की दवाएं बनाई जा रही थीं।
कोर्ट का फैसला
कोर्ट ने डॉक्टर प्रवीण सोनी की जमानत याचिका खारिज कर दी। सरकारी वकील ने तर्क दिया कि डॉक्टर ने 4 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए एफडीसी वाली दवा प्रिस्क्राइब की, जो गंभीर लापरवाही है। जांच अभी जारी है, और अपराध को गंभीर प्रकृति का करार दिया गया है।
यह घटना दवा उद्योग में गुणवत्ता नियंत्रण की बड़ी खामियों को उजागर करती है। सरकार ने 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न देने की सख्त सलाह दी है। मामले की गहन जांच जारी है और संबंधित पक्षों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।