जीतू पटवारी का आरोप: मध्य प्रदेश जल संसाधन विभाग में टेंडर सिंडिकेट से भ्रष्टाचार

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जीतू पटवारी  का आरोप:  मध्य प्रदेश जल संसाधन  विभाग में  टेंडर सिंडिकेट  से भ्रष्टाचार

जीतू पटवारी का आरोप: मध्य प्रदेश जल संसाधन विभाग में टेंडर सिंडिकेट से भ्रष्टाचार

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को राज्य के जल संसाधन विभाग (WRD) में एक बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क का खुलासा किया है। पटवारी ने दस्तावेजी सबूतों के साथ आरोप लगाया कि प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं के नाम पर केवल 'ठेकेदारी और कमीशन' का खेल चल रहा है। उन्होंने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है, चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इन आरोपों की जांच नहीं हुई, तो कांग्रेस सबूतों के साथ सीबीआई के पास जाएगी।

कमीशन वर्ष और चहेते ठेकेदार

पटवारी ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इसे 'कृषि वर्ष' कहा जा रहा है, जबकि यह 'कमीशन वर्ष' बन गया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने हाल ही में 5800 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है, लेकिन यह पैसा किसानों के पास नहीं, बल्कि चहेते ठेकेदारों की जेब में जा रहा है। पटवारी ने विशिष्ट आरोप लगाए कि चुनिंदा फर्मों को ठेके मिल रहे हैं और यहां तक कि भाजपा कार्यालय बनाने वाली कंपनी को केन-बेतवा परियोजना का काम भी मिला है।

अधिकारियों और सीएम से सवाल

जीतू पटवारी ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और मुख्यमंत्री से 'नौशाद' और 'अश्विन नाटू' नामक व्यक्तियों के बारे में सवाल पूछे। उन्होंने यह भी मांग की कि सरकार विभाग में जमा सभी बैंक गारंटियों की जांच कराए और 2023-24 के टेंडरों की न्यायिक जांच क्यों नहीं कराई जा रही है।

सीबीआई जांच की चेतावनी

पटवारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सरकार के पास आरोपों की स्वतंत्र ऑडिट और जांच कराने के लिए 15 दिन का समय है। यदि इस अवधि में कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल दस्तावेजों के साथ सीबीआई को शिकायत सौंपेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सिंचाई के रकबे का सरकारी दावा झूठा है और कांग्रेस खुद इसका सत्यापन कर सच सामने लाएगी।

L. N. Bhargava