जयपुर में पहली बार आर्मी-डे परेड, शहीद की मां बेहोश
जयपुर में इस बार आर्मी-डे परेड का आयोजन आर्मी एरिया से बाहर किया गया, जिसमें भारी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। परेड के दौरान आधुनिक सैन्य ताकत का प्रदर्शन हुआ और ऑपरेशन सिंदूर के शहीद जवानों को सम्मानित किया गया। इसी दौरान एक भावुक क्षण में शहीद जवान की मां बेहोश हो गईं।
जयपुर की सड़कों पर सेना की ताकत का भव्य प्रदर्शन
आर्मी-डे परेड का आयोजन जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर किया गया। हजारों लोग सड़कों के किनारे खड़े होकर भारतीय सेना की शक्ति और तैयारी के गवाह बने।
परेड में ब्रह्मोस मिसाइल, भीष्म और अर्जुन टैंक, पिनाका लॉन्चर जैसे अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही रोबोटिक डॉग्स ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। आसमान में अटैक हेलिकॉप्टर अपाचे ने युद्धक करतब दिखाकर दुश्मनों को ध्वस्त करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
नाल (बीकानेर) एयरबेस से उड़ान भरकर पहुंचे जगुआर फाइटर जेट की खूबियों और मारक क्षमता के बारे में भी जानकारी दी गई। यह पहली बार था जब आम नागरिकों ने शहर की सड़कों से इतने करीब से इस तरह की सैन्य शक्ति का नजारा देखा।
ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों को सम्मान, मां हुई बेहोश
परेड की शुरुआत ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए जवानों को सेना मेडल (वीरता) से सम्मानित करने के साथ हुई। समारोह के दौरान 1 पैरा स्पेशल फोर्स के शहीद जवान लान्स नायक प्रदीप कुमार को मरणोपरांत सेना मेडल दिया गया।
जब प्रदीप कुमार की मां को मंच पर बुलाकर मेडल प्रदान किया गया, तो भावनाओं के आवेग में वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। वहां मौजूद सैन्य अधिकारियों ने तुरंत उन्हें संभाला और प्राथमिक सहायता देते हुए एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के लिए यह बेहद मार्मिक और भावुक क्षण था।
वीरता पुरस्कार विजेताओं ने लीड की परेड
सेना मेडल से सम्मान के बाद गैलेंट्री अवॉर्ड प्राप्त अधिकारी परेड कमांडर के सामने सलामी के लिए आगे बढ़े। अशोक चक्र, परमवीर चक्र और महावीर चक्र से सम्मानित सेना के अधिकारी इस परेड का नेतृत्व कर रहे थे, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई।
परेड में शामिल टुकड़ियों की मार्चिंग, सैन्य बैंड की धुन और हथियारों का समन्वित प्रदर्शन यह संदेश दे रहा था कि भारतीय सेना हर स्थिति के लिए तैयार है। दर्शकों में युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने उत्साह के साथ सेना के जज्बे को सलाम किया।
निष्कर्ष: शौर्य, शक्ति और बलिदान का संगम
जयपुर में आर्मी-डे परेड का यह आयोजन केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन भर नहीं था, बल्कि यह शहीदों के अदम्य साहस और उनके परिवारों के त्याग को सलाम करने का भी अवसर बना। एक तरफ जहां ब्रह्मोस, टैंक, हेलिकॉप्टर और फाइटर जेट ने भारत की सैन्य क्षमता को सामने रखा, वहीं दूसरी तरफ शहीद लान्स नायक प्रदीप कुमार की मां का बेहोश होना यह याद दिलाता रहा कि हर पदक के पीछे एक परिवार का दर्द और गर्व जुड़ा होता है। इस परेड ने जयपुर के लोगों के सामने सेना के शौर्य, तकनीकी क्षमता और मानवीय भावनाओं का अनोखा संगम प्रस्तुत किया।
Arvind Vishwakarma