कांग्रेस की पहली लिस्ट में 48 उम्मीदवारों के नाम, महिलाओं को खास मौका

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कांग्रेस की पहली लिस्ट  में 48 उम्मीदवारों के नाम, महिलाओं को खास मौका

कांग्रेस की पहली लिस्ट में 48 उम्मीदवारों के नाम जारी

कांग्रेस ने गुरुवार रात अपनी पहली लिस्ट जारी की जिसमें कुल 48 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। पार्टी ने इस बार खासतौर पर महिलाओं और मुस्लिम उम्मीदवारों पर ध्यान दिया है। लिस्ट में 5 महिलाओं और 4 मुस्लिम उम्मीदवारों को मौका दिया गया है। इसके अलावा, कांग्रेस ने 11 सिटिंग विधायकों पर भरोसा जताते हुए उन्हें फिर से टिकट दिया है।

महिला उम्मीदवारों को मिला बड़ा मौका

कांग्रेस की लिस्ट में सोनबरसा से सरिता देवी, बेगूसराय से अमिता भूषण, हसुआ से नीतू कुमारी, कोढ़ा से पूनम पासवान और राजापाकर से प्रतिमा कुमारी को शामिल किया गया है। यह पार्टी द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सीनियर नेताओं पर भी जताया भरोसा

कुटुंबा से प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम चुनाव लड़ेंगे, जबकि सीनियर नेता शकील अहमद कदवा से मैदान में उतरेंगे। भागलपुर, मुज़फ्फरपुर, राजापाकर, औरंगाबाद समेत 11 सीटों पर सिटिंग विधायकों को फिर से टिकट देकर पार्टी ने अपने अनुभवी नेताओं पर भरोसा जताया है।

खगड़िया सीट पर बदलाव

खगड़िया से सिटिंग विधायक छत्रपति यादव का टिकट काट दिया गया है, उनकी जगह चंदन यादव को टिकट दिया गया है। चंदन यादव पिछली बार बेलदौर से लड़े थे लेकिन हार गए थे।

पटना एयरपोर्ट पर विवाद

लिस्ट जारी होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं के बीच विवाद देखने को मिला। बिक्रम सीट पर टिकट न मिलने से डॉ. अशोक आनंद के समर्थकों में नाराजगी थी। इस दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेताओं को घेर लिया और टिकट बेचने के आरोप लगाए।

2020 के प्रदर्शन से लिया सबक

2020 में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें पार्टी महज 19 सीटें ही जीत पाई थी। कांग्रेस का स्ट्राइक रेट 27% था। इस बार पार्टी ने हर सीट के जातीय और सामाजिक समीकरणों का गहन अध्ययन करके उम्मीदवारों का चयन किया है।

महागठबंधन में बदलाव और रणनीति

महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर इस बार कांग्रेस को ज्यादा मेहनत करनी पड़ी। पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए नेतृत्व में फेरबदल किया। लालू प्रसाद के प्रभाव से मुक्त होने के लिए प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी पदों पर नए चेहरों को नियुक्त किया गया। राहुल गांधी ने अपने करीबी सहयोगी कृष्णा अल्लावरू को बिहार का प्रभारी बनाया और खुद भी 'वोटर अधिकार यात्रा' के जरिए सक्रियता बढ़ाई।

पहले चरण की वोटिंग

बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को होगी। कांग्रेस की रणनीति इस बार मजबूत सीटों पर फोकस करने की है, ताकि पिछले प्रदर्शन को सुधारते हुए बेहतर नतीजे हासिल किए जा सकें।