केन-बेतवा प्रभावितों का चिता आंदोलन फिर शुरू
आदिवासी महिलाएं कर रहीं नेतृत्व
छतरपुर और पन्ना जिलों में केन-बेतवा लिंक परियोजना सहित विभिन्न परियोजनाओं में कथित अन्याय के खिलाफ स्थगित 'चिता आंदोलन' फिर से शुरू हो गया है। यह आंदोलन 'न्याय दो या मार दो' के नारे के साथ कुपी ग्राम के पास बराना नदी पर चल रहा है।
प्रशासन पर गंभीर आरोप
सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने प्रशासन पर भ्रष्ट और तानाशाही रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 50 हजार लोग बेघर हो गए हैं। उन्होंने 46 लाख पेड़ों और पन्ना टाइगर रिजर्व के विनाश को पर्यावरण के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
वादों पर अविश्वास
आंदोलन के नेताओं दिव्य अहिरवार, चिता और लक्ष्मी आदिवासी ने कहा कि अप्रैल के आंदोलन के बाद प्रशासन ने जो वादे किए थे, उनमें से एक का भी पालन नहीं हुआ। उन पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए और अवैध बेदखली की गई।
आदिवासी महिलाओं ने चेतावनी दी कि वे सरकार के झूठे आश्वासनों में नहीं आएंगी और न्याय न मिलने पर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी।
Sharad Shrivastava