भोपाल के बड़ा तालाब से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू
जिला प्रशासन और निगम की टीमें मैदान में
भोपाल के बड़ा तालाब किनारे अतिक्रमण और कब्जों को हटाने के लिए शनिवार से फिर बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की टीमें कार्रवाई के लिए मैदान में उतरी हैं। इस दौरान फार्म हाउस और बंगले हटाए जा रहे हैं, जो बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल (एफटीएल) के दायरे में आते हैं।
एनजीटी रिपोर्ट के बाद कार्रवाई
नगर निगम ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) पेश की थी, जिसमें तालाब क्षेत्र के 21 अतिक्रमण हटाने की बात कही गई थी। इसके चलते शनिवार से कार्रवाई शुरू की गई। सुबह से ही नगर निगम बिल्डिंग शाखा और जिला प्रशासन की टीमें गौरागांव और बिशनखेड़ी पहुंची। शनिवार को कुल 6 अतिक्रमण हटाए जाएंगे।
नोटिस और सर्वे की प्रक्रिया
नगर निगम पहले ही एफटीएल के दायरे में आने वाले अतिक्रमणों को लेकर नोटिस दे चुका था। निगम की रिपोर्ट के मुताबिक सेवनिया गौंड, गौरा विशनखेड़ी और प्रेमपुरा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। सर्वे में चिन्हित 21 अतिक्रमणों में से तीन निर्माण वर्ष 2022 से पहले के हैं, जबकि बाकी 18 निर्माण 2022 के बाद किए गए हैं।
पिछले अभियान की स्थिति
इस साल 5 फरवरी से शुरू हुए सीमांकन अभियान के दौरान जिला प्रशासन ने 37 दिन में बड़े तालाब क्षेत्र के 347 अतिक्रमण चिन्हित किए थे, लेकिन केवल 51 छोटे अतिक्रमण ही हटाए जा सके थे। 296 अतिक्रमण बचे हैं, जिन्हें हटाने के लिए अब सिलसिलेवार कार्रवाई की जा रही है।
Vivek Singh