केरल CM ने कांग्रेस को बताया BJP की 'B-टीम', ECI ने बंगाल में बनाए 19 ट्रिब्यूनल

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केरल CM ने कांग्रेस को बताया BJP की 'B-टीम', ECI ने बंगाल में बनाए 19 ट्रिब्यूनल

चुनावी हलचल: केरल CM का कांग्रेस पर हमला, ECI की बंगाल में नई पहल

देश के पांच राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार को कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला, वहीं भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से जुड़ी अपीलों की सुनवाई के लिए 19 ट्रिब्यूनल बनाने की घोषणा की है। इन चुनावों के लिए 23 अप्रैल से 9 अप्रैल तक मतदान होगा, जिसके परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

केरल CM का कांग्रेस और राहुल गांधी पर सीधा आरोप

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने राहुल गांधी के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें राहुल ने कहा था कि केंद्रीय एजेंसियां अन्य विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार करती हैं, लेकिन केरल के मुख्यमंत्री को नहीं। विजयन ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भाजपा की 'B-टीम' होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का रवैया भाजपा की मदद करता प्रतीत होता है, और केरल में भी कांग्रेस व भाजपा कई मुद्दों पर लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के खिलाफ एक जैसा विरोध करती हैं। विजयन ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण और सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाते हुए अपनी पार्टी को सभी प्रकार के सांप्रदायिकता के खिलाफ बताया। उन्होंने अरविंद केजरीवाल से जुड़े पुराने आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि अदालत से क्लीन चिट मिलने के बाद भी राहुल गांधी वही बातें दोहरा रहे हैं।

चुनाव आयोग की अहम घोषणाएं और पश्चिम बंगाल में ट्रिब्यूनल

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से जुड़ी अपीलों की सुनवाई के लिए 19 ट्रिब्यूनल बनाए हैं। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 10 मार्च 2026 के आदेश और कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की सिफारिश के बाद लिया गया है। ECI ने असम, केरल और पुडुचेरी में होने वाले आगामी 2026 विधानसभा चुनावों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल्स (VVPAT) का पहला रैंडमाइजेशन भी पूरा कर लिया है। गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा में होने वाले आगामी उपचुनावों के लिए भी रैंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी की गई है, जहां 9 अप्रैल को मतदान होना है।

चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संजय राउत ने उठाए सवाल

शिवसेना सांसद संजय राउत ने देश में चुनावों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में छेड़छाड़, दबाव और हेरफेर हो रहा है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के भारत की लोकतंत्र को लेकर किए गए दावों को चुनौती देते हुए संयुक्त राष्ट्र से चुनावों की निगरानी के लिए ऑब्जर्वर भेजने की मांग की। राउत ने चुनाव आयोग पर पश्चिम बंगाल में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि यह संस्था अब निष्पक्ष नहीं रही। उन्होंने पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के ट्रांसफर को अघोषित इमरजेंसी जैसा बताया और ममता बनर्जी का समर्थन किया।

विभिन्न राज्यों में चुनावी अपडेट्स: उम्मीदवार और गठबंधन

असम

असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने छह विपक्षी पार्टियों के गठबंधन की घोषणा की, जिसमें कांग्रेस, असम जातीय परिषद, रायजोर दल, CPI(M), CPI(ML) और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस शामिल हैं। कांग्रेस 100 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी असम विधानसभा चुनाव के लिए अपने 17 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है। कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी रायजोर दल के लिए 11 सीटें छोड़ी हैं। NDA खेमे में, भाजपा 89 सीटों पर, असम गण परिषद (AGP) 26 सीटों पर और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) 11 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए TMC के नेशनल जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी 24 मार्च को पाथरप्रतिमा में एक जनसभा के साथ चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईद की नमाज के बाद जमात को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर वोटर लिस्ट में बदलावों के जरिए लोगों के वोट देने के अधिकार छीनने की कोशिश का आरोप लगाया।

पुडुचेरी

मुख्यमंत्री और AINRC के संस्थापक एन. रंगासामी ने थट्टांचवाडी और मंगलम सीटों से विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन भरा। वह थट्टांचवाडी अपनी पारंपरिक सीट को बरकरार रखना चाहते हैं।

कर्नाटक (उपचुनाव)

कर्नाटक की बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर उपचुनाव मौजूदा कांग्रेस विधायकों के निधन के बाद हो रहे हैं। कांग्रेस के उम्मीदवारों ने बिना घोषणा के नामांकन दाखिल कर दिए, जबकि भाजपा ने अपने उम्मीदवारों (बागलकोट से वीरभद्रय्या चारंतिमठ और दावणगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी. दासकरियप्पा) के नामों की घोषणा पहले ही कर दी थी।

वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया (SIR) और चुनावी राज्यों का राजनीतिक परिदृश्य

चुनाव आयोग ने बताया कि SIR प्रक्रिया के बाद सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम तमिलनाडु से कटे हैं, जहां करीब 74 लाख नाम हटाए गए। पश्चिम बंगाल में लगभग 58 लाख, केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) भी कराया गया था।

पश्चिम बंगाल

14 साल से CM ममता के सामने भाजपा मुख्य चुनौती है। टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी।

तमिलनाडु

यहां कांग्रेस और भाजपा 60 साल से सत्ता में नहीं आ सकीं। फिलहाल एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है।

केरल

दक्षिण का इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में है और 2021 में लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। भाजपा अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है, लेकिन हाल ही में त्रिशूर लोकसभा और तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव जीते हैं।

असम

राज्य में 10 साल से भाजपा की सरकार है और तीसरे चुनाव की तैयारियों में जुटी है। भाजपा ने 100+ सीटें जीतने का टारगेट रखा है। कांग्रेस ने भाजपा को रोकने के लिए 10 पार्टियों के साथ गठबंधन किया है।

पुडुचेरी

2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन सत्ता में आया। कांग्रेस DMK के साथ गठबंधन में वापसी की कोशिश कर रही है।

Navjeet Kaur