केरल CM ने कांग्रेस को बताया BJP की 'B-टीम'; पश्चिम बंगाल में ECI ने बनाए 19 ट्रिब्यूनल

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केरल CM  ने  कांग्रेस  को बताया  BJP  की 'B-टीम';  पश्चिम बंगाल  में  ECI  ने बनाए  19 ट्रिब्यूनल

चुनावों से पहले तेज हुई राजनीतिक हलचल और चुनावी तैयारियां

देश भर में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तैयारियां तेज हो गई हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला, वहीं पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से जुड़ी अपीलों के लिए 19 ट्रिब्यूनल गठित किए हैं। विभिन्न राज्यों में गठबंधन और उम्मीदवारों की घोषणाएं भी जारी हैं, जबकि शिवसेना सांसद संजय राउत ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

प्रमुख राजनीतिक बयान और आरोप

केरल के मुख्यमंत्री का कांग्रेस पर हमला

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें भाजपा की 'B-टीम' बताया। एक इंटरव्यू में उन्होंने राहुल के उस कमेंट का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्रीय एजेंसियों ने अन्य विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया है, लेकिन केरल के मुख्यमंत्री को नहीं। विजयन ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का रवैया ऐसा दिखता है जैसे वह भाजपा की मदद कर रही हो। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केरल में कांग्रेस और भाजपा कई मुद्दों पर एक जैसा विरोध करती हैं, खासकर लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के खिलाफ। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण और सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाते हुए अपनी पार्टी को सभी तरह के कम्युनलिज्म के खिलाफ बताया।

संजय राउत ने उठाए चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल

शिवसेना सांसद संजय राउत ने देश में चुनावों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में छेड़छाड़, दबाव और हेरफेर हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत के लोकतंत्र को लेकर किए गए दावों को चुनौती दी और संयुक्त राष्ट्र से चुनावों की निगरानी के लिए ऑब्जर्वर भेजने की मांग की। राउत ने चुनाव आयोग पर भी पश्चिम बंगाल में भेदभाव का आरोप लगाया और कहा कि यह संस्था अब निष्पक्ष नहीं रही। उन्होंने पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर अधिकारियों के ट्रांसफर को अघोषित इमरजेंसी जैसा बताया और ममता बनर्जी का समर्थन किया।

ममता बनर्जी के आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईद की नमाज के बाद जमात को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट में चल रहे बदलावों के जरिए लोगों के वोट देने के अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है।

निर्वाचन आयोग की गतिविधियां और चुनावी अपडेट

पश्चिम बंगाल में 19 ट्रिब्यूनल का गठन

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल में SIR (स्पेशल इनिशियल रिवीजन) मामलों के तहत मतदाता सूची से जुड़ी अपीलों की सुनवाई के लिए 19 ट्रिब्यूनल बनाए हैं। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 10 मार्च 2026 के आदेश और कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश के बाद लिया गया है।

EVM और VVPAT का रैंडमाइजेशन

भारत निर्वाचन आयोग ने घोषणा की है कि असम, केरल और पुडुचेरी में होने वाले आगामी 2026 विधानसभा चुनावों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल्स (VVPAT) का पहला रैंडमाइजेशन पूरा हो गया है। इसके अतिरिक्त, EC ने गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा में होने वाले आगामी उपचुनावों के लिए भी रैंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी कर ली है। इन राज्यों में 9 अप्रैल को मतदान होना है।

मतदाता सूची से नाम हटने का डेटा

SIR प्रक्रिया के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा 74,07,207 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल में करीब 58 लाख, केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) भी कराया गया था।

राज्यों में चुनावी तैयारियां और गठबंधन

असम में गठबंधन और उम्मीदवार

असम कांग्रेस ने छह विपक्षी पार्टियों - कांग्रेस, असम जातीय परिषद, रायजोर दल, CPI(M), CPI(ML) और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस - के साथ गठबंधन किया है। असम कांग्रेस 100 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी असम विधानसभा चुनाव के लिए अपने 17 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट की घोषणा कर दी है। NDA खेमे में, भाजपा असम विधानसभा की 126 सीटों में से 89 सीटों पर, असम गण परिषद (AGP) 26 सीटों पर और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) 11 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है।

कर्नाटक और पुडुचेरी उपचुनाव/नामांकन

कर्नाटक की बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, जिसके लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और चुनाव 9 अप्रैल को होंगे। पुडुचेरी के मुख्यमंत्री और AINRC के संस्थापक एन. रंगासामी ने विधानसभा चुनावों के लिए थट्टांचवाडी और मंगलम सीटों से नामांकन भरा है।

पश्चिम बंगाल में TMC का अभियान

पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए TMC के नेशनल जनरल सेक्रेटरी अभिषेक बनर्जी 24 मार्च को पाथरप्रतिमा में एक जनसभा के साथ चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। वह दासपुर, केशियारी और नारायणगढ़ में जनसभाओं को संबोधित करेंगे और नंदीग्राम में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को भी संबोधित करेंगे।

राज्यवार चुनावी परिदृश्य

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री हैं और 2026 के चुनाव में चौथी बार बनने की दावेदार हैं, जहां भाजपा मुख्य चुनौती है। तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है और राज्य की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। केरल देश का एकमात्र राज्य है जहां लेफ्ट सत्ता में है और इस बार कांग्रेस गठबंधन एंटी-इनकम्बेंसी को कैश कराना चाहेगा। असम में भाजपा 10 साल से सत्ता में है और 100+ सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। पुडुचेरी में 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन ने सत्ता हासिल की और अब कांग्रेस DMK के साथ मिलकर वापसी की कोशिश कर रही है।

कुल मिलाकर, आगामी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों से पहले देश भर में राजनीतिक दलों की तैयारियां और बयानबाजियां चरम पर हैं, जिसमें विभिन्न राज्यों के अपने-अपने मुद्दे और समीकरण सामने आ रहे हैं।

Amit Pateria