केरल सरकार को HC ने लताड़ा: 5 लाख को चुनावी वॉट्सएप पर निजता उल्लंघन का आरोप

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केरल सरकार को HC ने लताड़ा: 5 लाख को चुनावी वॉट्सएप पर निजता उल्लंघन का आरोप

केरल सरकार पर निजता उल्लंघन का आरोप: हाईकोर्ट ने 5 लाख लोगों को भेजे चुनावी संदेशों पर लगाई रोक

केरल में सरकारी कर्मचारियों, न्यायिक अधिकारियों और विभिन्न लाभार्थियों सहित लगभग 5 लाख लोगों को व्हाट्सएप पर चुनावी संदेश भेजने के बाद केरल सरकार सवालों के घेरे में आ गई है। हाईकोर्ट ने इस मामले में नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय से पूछा है कि उन्हें इन लोगों के मोबाइल नंबर कैसे मिले। कोर्ट ने डेटा स्रोत की पुष्टि होने तक ऐसे संदेश भेजने पर तत्काल रोक लगा दी है।

डेटा गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन

हाईकोर्ट ने इस पहल में गोपनीयता की कमी बताते हुए संदेह व्यक्त किया कि वेतन और प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए बनाए गए एसपीएआरके पोर्टल का डेटा मुख्यमंत्री कार्यालय तक गलत तरीके से पहुंचाया गया हो सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक डेटा का राजनीतिक प्रचार के लिए उपयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत निजता के अधिकार और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम, 2023 का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट ने मुख्यमंत्री कार्यालय से डेटा प्रोसेसिंग का कानूनी आधार भी पूछा है।

यह निर्देश एक याचिका की सुनवाई के दौरान दिए गए, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने गोपनीयता कानूनों का उल्लंघन करते हुए विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री की फोटो वाले व्हाट्सएप संदेश भेजे थे। इन संदेशों में 10% डीए बढ़ोतरी जैसे सरकारी कार्यों का उल्लेख था।

केरल का राजनीतिक परिदृश्य

केरल देश का एकमात्र राज्य है जहां वर्तमान में वाम मोर्चा सत्ता में है। राज्य में सत्ता परिवर्तन की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चे ने इस प्रवृत्ति को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। आगामी चुनावों में कांग्रेस गठबंधन एंटी-इनकंबेंसी को भुनाने की कोशिश करेगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अभी तक केरल में कोई विधानसभा सीट नहीं जीती है, हालांकि उसने पिछले लोकसभा चुनाव में त्रिशूर सीट जीती थी और दिसंबर 2025 में पहली बार तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव भी जीता था।

Arvind Vishwakarma