खड़गे ने SRCC संवाद को राजनीतिक भाषण बताया, युवा रिपोर्ट कार्ड लेकर खड़ा

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खड़गे ने SRCC संवाद को राजनीतिक भाषण बताया, युवा रिपोर्ट कार्ड लेकर खड़ा

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने SRCC में प्रधानमंत्री मोदी के संवाद को राजनीतिक भाषण बताया

खड़गे की X पोस्ट और प्रधानमंत्री के संवाद पर टिप्पणी

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में छात्रों से किए संवाद को राजनीतिक भाषण करार दिया। खड़गे ने X पर पोस्ट किया कि मोदी जी कल दिल्ली विश्वविद्यालय के SRCC में गए। यह देश के युवाओं, शिक्षा और उनके भविष्य पर संवाद का अवसर था। लेकिन अफसोस, युवाओं के सवालों का सामना करने के बजाय भाषण फिर एक राजनीतिक प्रचार में बदल गया। खड़गे ने लिखा कि कभी नाराज फूफा तो कभी दिमागी और अर्बन नक्सल। जुमले बदलते रहते हैं, पर मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियां नहीं बदलती। खड़गे ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी, आउटरीच तभी करनी पड़ती है, जब आप आउट ऑफ रीच हो जाते हैं। प्रधानमंत्री जी ने अपना रिपोर्ट कार्ड दिखाया। देश का युवा भी अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर खड़ा है।

प्रधानमंत्री मोदी शनिवार 5 सितंबर को श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) कॉलेज के 100वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। उन्होंने जेन-जी छात्रों के बीच 48 मिनट स्पीच दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरी होम्योपैथी गोली से दिमागी नक्सल बौखला गए।

खड़गे के पूर्व बयान और परिसीमन पर पत्र

खड़गे के भाजपा सरकार के खिलाफ पिछले तीन बयानों का उल्लेख किया गया। पहले बयान में हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मोदी दलित होते और उनके साथ ऐसा होता तो क्या वे तब भी ऐसे ही चुप रहते। दूसरे बयान में खड़गे ने चुनाव आयोग को 'सेव बीजेपी चेयर कमीशन' बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा 'वोट चोरी' के जरिए भारत के लोकतंत्र को खोखला करने की साजिश कर रही है। तीसरे बयान में दक्षिण गोवा में एक जनसभा में खड़गे ने कहा कि जब वे पहली बार विधायक बने थे, तब अमित शाह बच्चे थे और आज वे देशभक्ति सिखा रहे हैं।

इसके अतिरिक्त खड़गे ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर परिसीमन पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। खड़गे ने मोदी से आग्रह किया कि वे परिसीमन के लिए सरकार के प्रस्तावों को सभी राजनीतिक दलों के साथ शेयर करें।

Sachin Saxena