रेलवे चलाएगा 125 से अधिक स्पेशल ट्रेनें सिंहस्थ 2028 के लिए

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रेलवे चलाएगा 125 से अधिक स्पेशल ट्रेनें सिंहस्थ 2028 के लिए

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर रेलवे बोर्ड चेयरमैन की समीक्षा

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने रविवार को इंदौर पहुंचकर सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए रेलवे 125 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है। चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुविधा और भीड़ को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में ट्रेनों का संचालन किया जाएगा और प्रयास रहेगा कि यात्रियों को यात्रा के लिए ज्यादा किराया नहीं चुकाना पड़े।

विशेष ट्रेनों का संचालन और यात्री सुविधाएं

सिंहस्थ 2028 में करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए रेलवे ने अभी से यात्री परिवहन की योजना पर काम शुरू कर दिया है। 125 से अधिक ट्रेनों के जरिए उज्जैन के साथ इंदौर और आसपास के शहरों को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। रेलवे का प्रयास होगा कि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित रेल यात्रा मिल सके। ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के साथ यात्रियों पर अतिरिक्त किराए का बोझ न पड़े, इस पर भी ध्यान दिया जाएगा। इंदौर से अलग-अलग शहरों के लिए चलने वाली स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने की मांग पर भी रेलवे काम कर रहा है। चेयरमैन ने कहा कि इंदौर से संचालित होने वाली कुछ स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने की दिशा में प्रक्रिया जारी है, जिससे इंदौर के यात्रियों को नियमित रेल कनेक्टिविटी मिलने के साथ सिंहस्थ के दौरान भी यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

बुनियादी ढांचा विकास और सुरक्षा उपाय

चेयरमैन ने इंदौर स्टेशन, शास्त्री ब्रिज और आसपास चल रहे रेलवे से जुड़े विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से स्टेशन रीडेवलपमेंट, यात्री सुविधाओं और इंदौर से जुड़े महत्वपूर्ण रेल प्रोजेक्ट्स की प्रगति की जानकारी ली। इंदौर-मनमाड़, इंदौर-खंडवा और इंदौर-उज्जैन रेल सेक्शन के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इंदौर स्टेशन के रीडेवलपमेंट की प्रगति का जायजा लेते हुए चेयरमैन ने कहा कि जून 2025 में भी उन्होंने स्टेशन का रिव्यू किया था और उस समय की स्थिति और वर्तमान स्थिति में काफी बदलाव आया है। स्टेशन के विकास की पूरी रूपरेखा जनरल मैनेजर और उनकी टीम के साथ साझा की गई है और इसे रेलवे बोर्ड के स्तर पर भी प्रस्तुत किया जाएगा। शास्त्री ब्रिज का निरीक्षण कर यातायात दबाव को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था पर चर्चा हुई। जिस मार्ग को चौड़ा करने का काम किया जा रहा है, उसके दौरान वैकल्पिक यातायात व्यवस्था बेहद जरूरी होगी। नए एलाइनमेंट को लेकर दिए गए सुझावों पर रेलवे गंभीरता से विचार कर रहा है और नए शास्त्री रेलवे ओवरब्रिज के शुरुआती दौर का काम जल्द शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा।

रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक वाले कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन कैमरों के जरिए स्टेशन परिसर में होने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी और नई तकनीक से लैस कैमरों में चेहरे की पहचान और स्कैनिंग जैसी सुविधाएं शामिल हों

Vivek Singh