खेलो एमपी यूथ गेम्स का भोपाल में भव्य शुभारंभ, 1.5 लाख खिलाड़ी और 28 खेल

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खेलो एमपी यूथ गेम्स का भोपाल में भव्य शुभारंभ, 1.5 लाख खिलाड़ी और 28 खेल

खेलो एमपी यूथ गेम्स का भोपाल से भव्य आगाज

मध्यप्रदेश के सबसे बड़े खेल आयोजन खेलो एमपी यूथ गेम्स-2025 की शुरुआत भोपाल के बोट क्लब से हो गई है। रंग-बिरंगी रोशनी और सांस्कृतिक माहौल के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने औपचारिक उद्घाटन किया। कार्यक्रम में गेम्स की मशाल उन्हें सौंपी गई, जिसके साथ ही राज्यव्यापी खेल महोत्सव का आगाज हुआ।

मध्यप्रदेश को खेलों का उभरता केंद्र बताया

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बड़े तालाब पर आयोजित कार्यक्रम की भव्यता ऐसी है कि यह पहचानना मुश्किल है कि आयोजन सिर्फ एक राज्य तक सीमित है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन बदलते दौर की तस्वीर पेश करता है और गांवों तथा छोटे स्थानों तक खेलों को जोड़ने की परिकल्पना सराहनीय है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 11 खेल अकादमियां संचालित हैं और मध्यप्रदेश खेलों का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। भोपाल जैसे ऐतिहासिक शहर में तालाब के किनारे इस स्तर का आयोजन राज्य के खेल और संस्कृति दोनों में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने का संकेत है।

स्लोगन को राज्य के लिए दिशा देने वाला संदेश बताया

मुख्यमंत्री ने खेलो एमपी यूथ गेम्स के स्लोगन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सिर्फ नारा नहीं, बल्कि प्रदेश की दिशा तय करने वाला संदेश है। उन्होंने कहा कि राज्य के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने से हर क्षेत्र में विजय संभव है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से देश में खेलों को लेकर सोच बदली है। ओलंपिक, एशियाई और कॉमनवेल्थ खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी इसे साबित करती है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश खेल संस्कृति को गांव-गांव तक पहुंचा रहा है।

1.50 लाख खिलाड़ियों की भागीदारी और चार चरणों की प्रतियोगिता

मुख्यमंत्री के अनुसार खेलो एमपी यूथ गेम्स के माध्यम से प्रदेश के 10 संभागों के करीब डेढ़ लाख खिलाड़ी विभिन्न चरणों में हिस्सा ले रहे हैं। विकासखंड, जिला, संभाग और राज्य स्तर—इन चार चरणों में 31 जनवरी तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, नर्मदापुरम, शिवपुरी, रीवा और सागर में प्रस्तावित है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे राज्य टीम चयन में प्राथमिकता दी जाएगी।

पुरस्कार राशि और खिलाड़ियों के लिए अवसर

मुख्यमंत्री ने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स में विजेताओं को लगभग 4 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। प्रथम पुरस्कार 31 हजार, द्वितीय 21 हजार और तृतीय 11 हजार रुपए निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब खिलाड़ियों के लिए अवसर लाखों में नहीं, करोड़ों में हैं।

खेल संघों के साथ मिलकर पहली बार इतना बड़ा आयोजन

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं खेल प्रेमी हैं और खिलाड़ियों तथा खेल अवसंरचना के उन्नयन के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश में खेलों को नई दिशा मिल रही है।

मंत्री सारंग ने बताया कि देश के इतिहास में पहली बार खेल विभाग द्वारा सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के साथ मिलकर इतना बड़ा आयोजन किया जा रहा है। आगे चलकर मध्यप्रदेश की खेल टीम का चयन भी खेलो एमपी यूथ गेम्स के माध्यम से किया जाएगा।

युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम

मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम खेल हैं। इसी उद्देश्य से खेलो एमपी यूथ गेम्स आयोजित किए गए हैं और यह आयोजन प्रदेश के खेल भविष्य की नींव रखेगा।

उन्होंने बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स देश में पहली बार खेल विभाग और सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के संयुक्त समन्वय से आयोजित हो रहे हैं। झीलों की नगरी भोपाल से इस खेल महाकुंभ की शुरुआत की गई है, जहां उद्घाटन समारोह में भोपाल के तालाबों की भव्यता को सजीव रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

28 खेलों में मुकाबले और चरणबद्ध आयोजन

खेलो एमपी यूथ गेम्स-2025 में कुल 28 खेलों की प्रतियोगिताएं होंगी। तीन चरणों में 11 खेल—हॉकी, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, खो-खो, तैराकी, टेबल टेनिस, मलखंब, कुश्ती, जूडो, शतरंज और वेटलिफ्टिंग—आयोजित किए जाएंगे।

चार चरणों में 10 खेल—फुटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, पिट्टू, बास्केटबॉल, टेनिस, योगासन, रस्साकशी और कबड्डी—कराए जाएंगे। आर्चरी, ताइक्वांडो, कयाकिंग-कैनोइंग, रोइंग, फेंसिंग, शूटिंग और थ्रो-बॉल की प्रतियोगिताएं सीधे राज्य स्तर पर होंगी।

प्रदेश भर में विभिन्न स्थलों पर खेल

प्रदेश के अलग-अलग जिलों में खेलों का वितरण किया गया है। भोपाल में एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, क्रिकेट (पुरुष), रोइंग, कयाकिंग-कैनोइंग, स्विमिंग, शूटिंग और हॉकी (पुरुष) की प्रतियोगिताएं होंगी।

इंदौर में बास्केटबॉल, वेटलिफ्टिंग, टेबल टेनिस और टेनिस, शिवपुरी में महिला क्रिकेट, ग्वालियर में हॉकी (महिला) और बैडमिंटन, उज्जैन में मलखंब और योगासन, जबलपुर में खो-खो और आर्चरी, रीवा में फुटबॉल, नर्मदापुरम में शतरंज और सागर में जूडो प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

313 विकासखंडों की भागीदारी और प्रशासनिक तैयारियां

ब्लॉक स्तर से शुरू होने वाली चयन प्रक्रिया में प्रदेश के 313 विकासखंड शामिल हैं। राज्य स्तर पर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, चंबल, नर्मदापुरम और शहडोल संभागों की टीमें भाग लेंगी।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात और आयोजन प्रबंधन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।

आयोजन के माध्यम से पूरे प्रदेश को एक साझा खेल उत्सव से जोड़ा जा रहा है, जिसके जरिए प्रतिभावान खिलाड़ियों की खोज के साथ-साथ खेल संस्कृति को और मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

Sharad Shrivastava