मध्यप्रदेश सरकार कर्मचारियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना पर काम तेज
मध्यप्रदेश सरकार जल्द ही कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की तैयारी में है। इस योजना को फिलहाल मुख्यमंत्री कर्मचारी एवं पेंशनर्स व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना नाम दिया गया है।
सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू
इस योजना को अंतिम रूप देने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की एक टीम ने कर्मचारी संगठनों से सुझाव लेना शुरू कर दिया है। योजना को बेहतर बनाने के लिए संबंधित कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें की गई हैं और एक व्हाट्सऐप नंबर जारी कर आम तौर पर भी सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
प्रस्ताव और अस्पतालों का चयन
बैठकों के दौरान पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तावित योजना की रूपरेखा कर्मचारी संगठनों को बताई गई। इसमें यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश के भीतर और प्रदेश के बाहर स्थित अस्पतालों को चिन्हित करने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि लाभार्थियों को कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सके।
चार स्लैब में प्रीमियम कटौती का प्रस्ताव
योजना के तहत कर्मचारियों से प्रीमियम की कटौती चार अलग-अलग स्लैब में करने का प्रस्ताव है, जिनकी राशि 250, 500, 750 और 1000 रुपये होगी। इन स्लैबों पर फिलहाल चर्चा चल रही है और प्राप्त सुझावों के आधार पर ही अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा।
पुराने ड्राफ्ट पर फिर से पहल
बताया गया कि कमलनाथ सरकार के समय भी इस योजना का एक ड्राफ्ट तैयार किया गया था, लेकिन उस समय इसे लागू नहीं किया जा सका। उस दौरान वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन वित्त विभाग में एसीएस के पद पर थे और ड्राफ्ट तैयार करने में उनकी सक्रिय भूमिका रही थी। अब सरकार ने एक बार फिर इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए पहल शुरू की है।
बैठक में अधिकारी और कर्मचारी संगठन शामिल
योजना को लेकर हुई बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव दिनेश कुमार मौर्य और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। मंत्रालय कर्मचारी अधिकारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक भी बैठक में शामिल हुए।
सभी संगठनों से सुझाव के बाद ड्राफ्ट होगा फाइनल
बैठक में यह जानकारी दी गई कि प्रदेश के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने पर विचार हो रहा है। सरकार ने कर्मचारी संगठनों से कहा है कि सभी संगठनों के सुझाव प्राप्त होने के बाद ही योजना के ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
योजना का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनरों को उपचार के दौरान आर्थिक बोझ से राहत देना है। फिलहाल सरकार सुझावों के आधार पर ड्राफ्ट को परिष्कृत करने की प्रक्रिया में है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
Vivek Singh