लखनऊ में भागवत और योगी ने गीता उत्सव में साझा किया मंच
लखनऊ में रविवार को दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव आयोजित किया गया, जिसमें RSS प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच साझा किया। इस आयोजन का उद्देश्य गीता के महत्व को समझना और इसे जीवन में उतारने पर जोर देना था।
मोहन भागवत की बातें
मोहन भागवत ने कहा कि भारत कभी विश्वगुरु था और दुनिया के लिए बड़ा सहारा था। उन्होंने गीता के माध्यम से विश्व में शांति स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। भागवत ने बताया कि गीता हमें समस्याओं का सामना करने और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि गीता के पथ पर चलकर ही भारत फिर से विश्वगुरु बन सकता है।
योगी आदित्यनाथ की बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि RSS समाज के सहयोग से चलता है और इसे कोई विदेशी फंडिंग नहीं मिलती। उन्होंने सनातन धर्म की श्रेष्ठता और परंपरा पर चर्चा करते हुए कहा कि भारत ने कभी अपनी उपासना विधि को सर्वोच्च नहीं बताया। योगी ने गीता को भारत की प्रेरणा बताते हुए धर्म के मार्ग पर कर्म करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की विशेषताएं
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप जलाकर किया गया। इसके बाद मोहन भागवत और योगी आदित्यनाथ ने श्रीमद् भागवत गीता की पूजा की। ज्ञानानंद महाराज ने दोनों को गीता की प्रति भेंट की। इस आयोजन का उद्देश्य था कि हर व्यक्ति गीता को पढ़े, समझे और जीवन में अपनाए।
निष्कर्ष
दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव ने गीता के महत्व को उजागर किया और भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए धर्म और शांति के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
Vivek Singh