लोकपथ 2.0 से सफर होगा सुरक्षित, दुर्घटना संभावित स्थान पहले ही देगा संकेत

· 1 min read
लोकपथ 2.0 से सफर होगा सुरक्षित, दुर्घटना संभावित स्थान पहले ही देगा संकेत

मध्यप्रदेश में लोकपथ 2.0 लॉन्च, यात्रा के दौरान दुर्घटना जोखिम की करेगा पहले से चेतावनी

मध्यप्रदेश सरकार लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लोकपथ एप का दूसरा संस्करण लोकपथ 2.0 शुरू कर रही है। इस नए संस्करण का लोकार्पण आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह की मौजूदगी में किया जाना है, जिसमें विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे।

यात्रा के दौरान दुर्घटना संभावित स्थानों की पूर्व जानकारी

लोकपथ 2.0 एप की खासियत यह है कि यह प्रदेश में कहीं भी आवागमन के दौरान उपयोगकर्ताओं को ऐसे स्थानों की जानकारी देगा जहां दुर्घटना की संभावना हो सकती है। एप का उद्देश्य यात्रियों को पहले से सावधान करना है ताकि वे ऐसे मार्गों पर सतर्क होकर चलें या आवश्यकता होने पर वैकल्पिक मार्ग चुन सकें। इसके साथ एप रूट प्लान तैयार करने में भी मदद करेगा।

पहले संस्करण से मिली शिकायत निवारण प्रणाली को मिला विस्तार

लोक निर्माण विभाग के मंत्री बनने के बाद राकेश सिंह ने लोकपथ एप तैयार कराया था, जिसमें सड़कों में गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों की शिकायत दर्ज की जाती रही हैं। इस एप में शिकायतों के समय सीमा में निराकरण की व्यवस्था भी की गई थी। अब उसी एप का उन्नत संस्करण लोकपथ 2.0 के रूप में पेश किया जा रहा है, जिससे शासन को उम्मीद है कि लोगों को मार्ग में अधिक सुविधाएं मिलेंगी और अधिकारियों की जवाबदेही स्पष्ट होगी।

सरकार का मानना है कि लोकपथ एप 2.0 के माध्यम से सड़कों से संबंधित शिकायतों की समयबद्ध मरम्मत हो सकेगी, जिससे आवागमन आसान होगा। बेहतर सड़कों के कारण यात्रा समय में कमी आएगी, वाहनों के रखरखाव और मरम्मत की लागत घटेगी और समग्र रूप से सड़कें बेहतर स्थिति में रह पाएंगी।

वर्तमान लोकपथ एप की मौजूदा सुविधाएं

वर्तमान लोकपथ एप में प्रदेश की सभी मरम्मत योग्य नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, मुख्य जिला मार्ग, अन्य जिला मार्ग और निर्माणाधीन व क्षतिग्रस्त मार्गों को छोड़कर ग्रामीण जिला मार्ग शामिल हैं। लोकपथ एप को 2 जुलाई 2024 को लॉन्च किया गया था। इस एप में नागरिक क्षतिग्रस्त सड़कों की फोटो और विवरण अपलोड कर सकते हैं, जो सीधे संबंधित इंजीनियर तक पहुंचता है।

शिकायत दर्ज होने के बाद चार दिन की समय सीमा में सड़क की मरम्मत की जाती है। इसके बाद जिम्मेदार पक्ष द्वारा फोटो अपलोड कर यह दिखाया जाता है कि सड़क की स्थिति सुधार दी गई है। यदि गलत जानकारी दी जाती है, तो शिकायतकर्ता रियल टाइम में इसकी जांच कर सकता है।

कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क पर भी जोर

लोकपथ 2.0 के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान लोक निर्माण विभाग के कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क पर भी काम किया जाएगा। एक फरवरी 2025 को विभाग ने सभी इंजीनियरों को ट्रेनिंग नीड असेसमेंट के माध्यम से बुलाकर यह समझा था कि उन्हें किस प्रकार के प्रशिक्षण की आवश्यकता है, प्रशिक्षण कितनी बार होना चाहिए और उसका प्रारूप ऑनलाइन, ऑफलाइन या ऑनसाइट कैसा होना चाहिए।

इसके लिए कार्यशालाएं, फील्ड डेमो, केस स्टडी और तकनीकी सेमिनार आयोजित किए गए। इन्हीं आधारों पर अब कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क तैयार किया गया है, जिसमें विभाग के इंजीनियरों के लिए प्रशिक्षण कैलेंडर शामिल रहेगा। इसमें रिफ्रेशर कार्यक्रमों के साथ विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण मॉड्यूल होंगे। प्रशिक्षण भवन और कार्यक्रम तैयार होने के बाद नियमित रूप से ट्रेनिंग देने की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी।

सड़क प्रबंधन और सुरक्षा सुधार की दिशा में पहल

लोकपथ 2.0 की शुरुआत के साथ सरकार सड़क प्रबंधन, यातायात सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को एक साथ मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रही है। एप के माध्यम से न केवल नागरिकों को सुरक्षित यात्रा के लिए उपयोगी सूचना मिलेगी, बल्कि सड़कों के रखरखाव और इंजीनियरों के कौशल विकास की प्रक्रिया भी अधिक संगठित ढंग से आगे बढ़ेगी।

Bhavanesh Soni