मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई शुरू होगी
मध्य प्रदेश सरकार ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के एक हजार चयनित सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्लासेज शुरू करने का निर्णय लिया है। इस पहल से लगभग 4 लाख छात्र लाभान्वित होंगे।
डिजिटल लैब और वैकल्पिक विषय
स्कूल शिक्षा विभाग चयनित स्कूलों में अत्याधुनिक डिजिटल लैब तैयार कर रहा है। कक्षा 8वीं से ऊपर के छात्रों को AI को एक वैकल्पिक विषय के रूप में चुनने का अवसर मिलेगा। इसके लिए दो बड़ी निजी कंपनियों के साथ करार किया जाएगा। विभाग के कंप्यूटर साइंस और गणित के शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, जो छात्रों को कोडिंग और डेटा साइंस की बारीकियां सिखाएंगे।
पायलट प्रोजेक्ट की सफलता
इस योजना की शुरुआत पहले ओपन बोर्ड ने प्रदेश के सभी जिलों में एक-एक स्कूल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की थी। कुल 53 'ई-एफए' स्कूलों में इसे लागू किया गया था, जिसमें 1973 विद्यार्थी शामिल थे। इनमें कक्षा 9वीं के 1013, 10वीं के 694 और 11वीं के 266 छात्र थे। अब इस सफल पायलट प्रोजेक्ट के विस्तार के रूप में इसे अन्य स्कूलों में लागू किया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा, "मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों का रिजल्ट इस बार काफी अच्छा रहा है। अब हम बच्चों को तकनीकी रूप से भी मजबूत करेंगे और स्कूलों में AI की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इसी सत्र से इसे लागू कर दिया जाएगा।"
Adarsh Chaurasiya