मध्य प्रदेश की 'राज्य दिव्यांगजन निधि': कला-खेल में पदक विजेताओं को ₹10 लाख तक की सहायता

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मध्य प्रदेश की 'राज्य दिव्यांगजन निधि': कला-खेल में पदक विजेताओं को ₹10 लाख तक की सहायता

मध्य प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए 'राज्य दिव्यांगजन निधि' योजना का शुभारंभ

मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने प्रदेश के दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उनकी प्रतिभा को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण और पुनर्वास के लिए 'राज्य दिव्यांगजन निधि' के संचालन के लिए नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

इस योजना के धरातल पर आने से अब खेल, कला, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में देश-दुनिया में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले दिव्यांगों को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

निधि की आवश्यकता

पिछले लंबे समय से आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय में ऐसे प्रतिभावान दिव्यांगजनों के आवेदन आ रहे थे, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं, लेकिन एक व्यवस्थित आर्थिक तंत्र (मैकेनिज्म) न होने के कारण उन्हें सहायता के लिए जिला और राजधानी के चक्कर काटने पड़ते थे। इसे देखते हुए फरवरी-मार्च में विभागीय मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा के मार्गदर्शन और प्रमुख सचिव सोनाली पोंक्षे वायंगणकर व आयुक्त केजी तिवारी के प्रयासों से इस निधि का पूरा रोडमैप तैयार किया गया।

पदक विजेताओं को प्रोत्साहन राशि

संशोधित नियमों के तहत खेल (पैरा एवं स्पेशल खेल सहित), कला, संगीत, नृत्य जैसी विधाओं में पदक जीतने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों को बड़ी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

अब सिर्फ पदक जीतने पर ही नहीं, बल्कि प्रतियोगिताओं में भाग लेने (यात्रा और तैयारी) के लिए भी सरकार आर्थिक मदद देगी। इसके तहत राज्य स्तर के लिए ₹1 लाख, राष्ट्रीय स्तर के लिए ₹2 लाख और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शामिल होने के लिए ₹5 लाख की सहायता दी जाएगी।

अन्य सहायताएँ

चिकित्सा सहायता

₹10 लाख तक की चिकित्सा सहायता: ऐसे दिव्यांगजन जिनकी व्यक्तिगत या अभिभावक की वार्षिक आय ₹8 लाख तक है, उन्हें कोक्लियर इम्प्लांट के बाद उसके रखरखाव, अन्य दिव्यांगता उपकरणों की मरम्मत और उच्च सहायता आवश्यकताओं (High Support Need) के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक की वास्तविक व्यय राशि दी जाएगी।

रिसर्च और सेमिनार के लिए सहायता

₹5 लाख तक की सहायता: शैक्षणिक और तकनीकी उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों या सम्मेलनों में शोध-पत्र (Research Paper) प्रस्तुति, यात्रा, बोर्डिंग और पंजीकरण शुल्क के लिए शोधार्थियों को वर्ष में एक बार अधिकतम ₹5 लाख की सहायता मिलेगी।

नवाचार को बढ़ावा

जिला कलेक्टर की अनुशंसा पर नवीन प्रयोगों और नवाचारों के लिए भी वास्तविक व्यय की राशि इस निधि से दी जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया

योजना का लाभ सभी तक पहुँचाने के लिए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है। इच्छुक एवं पात्र दिव्यांगजन को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

Amit Pateria