मध्य प्रदेश में LPG संकट गहराया: ईरान-इजराइल युद्ध से सप्लाई ठप, घरेलू सिलेंडर के लिए लंबी वेटिंग

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मध्य प्रदेश में LPG संकट गहराया: ईरान-इजराइल युद्ध से सप्लाई ठप, घरेलू सिलेंडर के लिए लंबी वेटिंग

मध्य प्रदेश में LPG संकट गहराया: ईरान-इजराइल युद्ध से सप्लाई ठप

मध्य प्रदेश में LPG की कमी एक बड़े संकट में बदल गई है, जिसकी आंच अब घरों के किचन तक पहुंच गई है। पिछले तीन दिनों से प्रदेश में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह ठप है, जबकि घरेलू सिलेंडरों के लिए भी 5 से 7 दिनों तक की लंबी वेटिंग हो गई है। ऑयल कंपनियों ने केवल 15% गैस उपलब्ध होने की बात कही है, जिसका उपयोग केवल इमरजेंसी सेवाओं और घरों के लिए ही हो पाएगा।

LPG सप्लाई में भारी कमी और प्रतिबंध

ऑयल कंपनियों के अनुसार, व्यावसायिक सिलेंडर केवल अस्पताल, सेना-पुलिस की कैंटीन, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट स्थित कैंटीन, तथा बस स्टैंड स्थित भोजनालय को ही मिलेंगे। खाद्य विभाग को इन सेवाओं की आवश्यकतानुसार सूची ऑयल कंपनियों को देनी होगी। इस बीच, होटल, मैरिज गार्डन, सराफा कारीगरों के साथ-साथ भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं को व्यावसायिक सिलेंडर नहीं मिल पाएंगे, जिससे वेल्डिंग जैसे आवश्यक कार्यों पर असर पड़ेगा। भोपाल होटल एसोसिएशन के तेजकुल पाल सिंह पाली ने बताया कि राजधानी में डेढ़ हजार से ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट हैं, जहां रोजाना 2 से ढाई हजार सिलेंडर इस्तेमाल होते हैं। मौजूदा स्टॉक से मुश्किल से 48 घंटे ही काम चल पाएगा, जिसके बाद कई होटल बंद हो सकते हैं।

सरकार का दावा और जमीनी हकीकत

जहां एक ओर जिम्मेदार अधिकारी घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई में किसी दिक्कत से इनकार कर रहे हैं, वहीं हकीकत में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में लंबी वेटिंग देखने को मिल रही है। इंदौर में खाद्य विभाग के अधिकारियों ने पारंपरिक ईंधन जैसे लकड़ी, कंडा और कोयला जलाने पर जोर दिया है, जबकि भोपाल में डीजल भट्ठी के उपयोग की बात कही जा रही है। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार, सरकार के नए निर्देश आए हैं, जिसके तहत अब 25 दिन में ही सिलेंडर के लिए बुकिंग कराई जा सकेगी। उन्होंने सर्वर की दिक्कत और लोगों द्वारा स्टॉक जमा करने को भीड़ का कारण बताया।

शादियों और कारोबार पर असर

मार्च में प्रदेश भर में 20 हजार से ज्यादा शादियां होनी हैं, जिनमें व्यावसायिक सिलेंडरों का व्यापक उपयोग होता है। सप्लाई ठप होने से इन आयोजनों में भोजन पकाने को लेकर भारी दिक्कतें आ रही हैं। भोपाल में 3 हजार आभूषण कारीगरों को भी महीने में 9000 सिलेंडरों की जरूरत होती है, जिन पर भी संकट है।

ईरान-इजराइल युद्ध का आर्थिक असर

ईरान-इजराइल के बीच युद्ध का असर केवल गैस सप्लाई पर ही नहीं, बल्कि अन्य वस्तुओं की कीमतों पर भी दिख रहा है। भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने बताया कि दालों में तेजी बनी हुई है, जैसे हरी मूंग, मसूर, चना, और तूअर दाल के भाव बढ़ गए हैं। मसालों के बाजार में भी मिर्ची और धनिया महंगी हुई है। ड्राई फ्रूट्स में पिस्ता, अंजीर, केसर और दाल चीनी के दाम भी बढ़े हैं, क्योंकि ये ईरान के रास्ते भारत आते हैं। क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने से पैकेजिंग से जुड़े सामानों के रेट में भी करीब 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खाद्य तेलों के बाजार में भी सोयाबीन और मूंगफली तेल के भाव बढ़े हैं।

सरकार के कदम और संकट के मुख्य कारण

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पेट्रोल-डीजल और गैस की उपलब्धता की निगरानी के निर्देश दिए हैं। मंत्री चैतन्य काश्यप ने प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक और घरेलू गैस की सामान्य सप्लाई का दावा करते हुए अफवाहों से बचने की अपील की है। केंद्र सरकार ने गैस समेत जरूरी चीजों की जमाखोरी रोकने के लिए देशभर में 'आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955' लागू कर दिया है।

इस संकट की दो बड़ी वजहें हैं: पहला, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का लगभग बंद होना। यह 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। युद्ध के कारण यह रूट सुरक्षित नहीं रहा, जिससे दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा और भारत की जरूरत का 50% कच्चा तेल व 54% LNG की सप्लाई बाधित हुई है। दूसरा, कतर के LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद उत्पादन का रुक जाना। भारत अपनी जरूरत की 40% LNG कतर से ही आयात करता है, जिससे सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है।

आगे की राह

इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) केएम ठाकुर ने ग्राहकों से पैनिक बुकिंग न करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार अब अमेरिका जैसे देशों से वैकल्पिक कार्गो मंगाने पर विचार कर रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर G7 देश भी अपने इमरजेंसी तेल भंडार से सप्लाई जारी करने पर चर्चा कर रहे हैं। रूस और अल्जीरिया से भी अतिरिक्त कच्चे तेल के आने की उम्मीद है।

L. N. Bhargava