मध्य प्रदेश में फरवरी में चौथी बार बारिश का अलर्ट: 8 जिलों में गरज-चमक और आंधी की संभावना

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मध्य प्रदेश में फरवरी में चौथी बार बारिश का अलर्ट: 8 जिलों में गरज-चमक और आंधी की संभावना

मध्य प्रदेश में फरवरी में चौथी बार बारिश का अलर्ट: पूर्वी हिस्से के 8 जिलों में गरज-चमक और आंधी की संभावना

मध्य प्रदेश में फरवरी महीने में एक बार फिर मौसम बदलने वाला है। मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के पूर्वी हिस्से के 8 जिलों, जिनमें सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर आदि शामिल हैं, में बारिश, गरज-चमक और आंधी का अलर्ट जारी किया है। यह फरवरी माह में चौथी बार है जब राज्य में इस तरह का मौसमी बदलाव देखा जा रहा है।

बारिश का कारण और सक्रिय सिस्टम

IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) सक्रिय है। साथ ही, यहां से एक टर्फ भी गुजर रही है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। पहले 22 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण मौसम बदलने का अनुमान था, लेकिन वह सिस्टम आगे बढ़ गया और अब कम दबाव के क्षेत्र व टर्फ की गतिविधियों से सोमवार को बारिश की संभावना बन रही है।

फरवरी में लगातार चौथा मौसमी बदलाव

उल्लेखनीय है कि फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर आ चुका है, जिससे फसलों को काफी नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश दर्ज की गई, जिसका असर 19, 20 और 21 फरवरी को भी रहा। अब यह फरवरी में चौथी बार है जब राज्य बारिश की चपेट में आ सकता है, 23 फरवरी को भी बारिश की संभावना जताई गई है।

तापमान पर असर

बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, रविवार को सर्द हवाओं से थोड़ी राहत मिली। शनिवार-रविवार की रात में पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राजगढ़ में 11 डिग्री, कल्याणपुर में 11.2 डिग्री, करौंदी में 11.4 डिग्री और मंदसौर में 11.5 डिग्री रहा। अन्य स्थानों पर पारा बढ़ा हुआ मिला।

MP के प्रमुख शहरों में फरवरी का मौसमी ट्रेंड

भोपाल

भोपाल में आमतौर पर रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, वहीं 7 साल रात का पारा 10 डिग्री सेल्सियस से कम रहा। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार है।

इंदौर

फरवरी में इंदौर में बारिश का कोई विशेष ट्रेंड नहीं है, हालांकि 2014 और 2015 में बूंदाबांदी हुई थी। यहां दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहता है और रात में पारा 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे दर्ज किया जाता है।

ग्वालियर

ग्वालियर में उत्तरी हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड पड़ती है। 4 फरवरी 2018 को न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पिछले साल और इस बार फरवरी की शुरुआत में भी यहां बारिश हुई है।

जबलपुर

जबलपुर में भी मौसम बदलता रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहता है, जबकि रात में न्यूनतम तापमान लगभग 11 डिग्री सेल्सियस होता है। पिछले 10 में से 6 साल यहां फरवरी में बारिश हुई है।

उज्जैन

उज्जैन में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का दौर रहता है। दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार और रात का न्यूनतम पारा 10 डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज होता है। फरवरी में यहां बारिश का ट्रेंड कम ही है।

मध्य प्रदेश में फरवरी माह में यह लगातार चौथे मौसमी बदलाव का संकेत है, जो इस महीने की अप्रत्याशित मौसम गतिविधियों को दर्शाता है।

Vivek Singh