मध्यप्रदेश में एसआईआर ड्राफ्ट वोटरलिस्ट पर दावे-आपत्तियों की समयसीमा पूरी
काटे गए नामों में से करीब 8 लाख फिर जुड़ने की संभावना
मध्यप्रदेश में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत तैयार ड्राफ्ट वोटरलिस्ट से हटाए गए मतदाताओं के लिए दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी हो गई है। राज्य में एसआईआर के ड्राफ्ट रोल से 42 लाख 74 हजार 160 नाम हटाए गए थे, जिनमें से लगभग 8 लाख नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल हो सकते हैं।
दावे-आपत्तियों की संख्या और प्रकार
पिछले एक माह के दौरान एसआईआर की प्रोविजनल ड्राफ्ट वोटरलिस्ट पर कुल 8 लाख 90 हजार दावे-आपत्तियां दर्ज की गईं। इनमें से 7 लाख 95 हजार 102 आवेदन उन नामों को जोड़ने के लिए थे, जो सूची से छूट गए थे। वहीं 95 हजार 210 आवेदन ऐसे नाम हटाने से संबंधित थे, जो गलती से जुड़ गए थे।
राजनीतिक दलों की ओर से भी सक्रिय रूप से आवेदन दिए गए। उनकी तरफ से 4 हजार 666 आवेदन नाम जोड़ने और 7 हजार 929 आवेदन नाम काटने के लिए प्रस्तुत किए गए। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 7 लाख 99 हजार नाम जोड़ने और 1 लाख 3 हजार नाम काटने से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए हैं।
ड्राफ्ट वोटरलिस्ट का प्रकाशन और पहले से लंबित आवेदन
चुनाव आयोग ने 23 दिसंबर को एसआईआर का ड्राफ्ट प्रकाशित किया था, जिसमें 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 मतदाताओं की सूची जारी की गई। इसी प्रक्रिया में 42 लाख 74 हजार 160 नाम, जो कुल मतदाताओं का 7.45 प्रतिशत हैं, सूची से हटाए गए थे।
एसआईआर शुरू होने से पहले, यानी 27 अक्टूबर तक, आयोग के पास नाम जोड़ने के 42 हजार 953 और नाम काटने के 24 हजार 710 आवेदन पहले से लंबित थे। चुनाव आयोग के अनुसार, इन सभी लंबित आवेदनों और वर्तमान दावे-आपत्तियों को 21 फरवरी को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची में समायोजित किया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा और आगे की प्रक्रिया
ऑफलाइन दावे-आपत्तियों की समयसीमा बूथ केंद्रों पर बीएलओ के पास पूरी हो चुकी है। अब जो मतदाता इस अवधि में अपना दावा या आपत्ति दर्ज नहीं कर पाए हैं, वे वोटर हेल्पलाइन ऐप या वीएचए पोर्टल के माध्यम से 6 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
इन ऑनलाइन आवेदनों का निपटारा 14 फरवरी तक किया जाएगा। इसी अवधि में नो-मैपिंग वोटर्स, पिता-पुत्र की आयु में 45 साल से अधिक अंतर वाले मामलों, अलग सरनेम, या नाम में त्रुटि जैसी स्थितियों में नोटिस जारी करने, सुनवाई और सत्यापन की प्रक्रिया भी चलेगी।
अंतिम मतदाता सूची की तैयारी
चुनाव आयोग का कहना है कि सभी प्रकार के दावे-आपत्तियों, लंबित आवेदनों और सत्यापन की प्रक्रियाओं को समाहित कर 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। इस अंतिम सूची में संशोधित आंकड़े, जोड़े गए और हटाए गए नाम स्पष्ट रूप से शामिल होंगे, जिससे आगामी चुनावी प्रक्रियाओं के लिए अद्यतन मतदाता आधार उपलब्ध हो सकेगा।
Janmejay Chaturvedi