मध्यप्रदेश के 1.22 लाख शिक्षकों को चौथा क्रमोन्नति वेतनमान, एरियर से मिलेगी बड़ी राहत

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मध्यप्रदेश के 1.22 लाख शिक्षकों को चौथा क्रमोन्नति वेतनमान, एरियर से मिलेगी बड़ी राहत

मध्यप्रदेश के 1.22 लाख शिक्षकों को चौथा क्रमोन्नति वेतनमान, एरियर की भी मंजूरी

मध्यप्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति से पहले प्रदेश के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण वेतन संबंधी निर्णय लिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में सहायक शिक्षक (एलडीटी) और उच्च श्रेणी शिक्षक (यूडीटी) को चौथा क्रमोन्नति वेतनमान देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह लाभ लंबे समय से लंबित था, जिसका शिक्षकों को अब फायदा मिलेगा।

एलडीटी और यूडीटी शिक्षकों का वेतनमान बढ़ा, एरियर भी मिलेगा

सरकार के फैसले के तहत एलडीटी और यूडीटी दोनों संवर्ग के शिक्षकों को चौथा क्रमोन्नति वेतनमान दिया जाएगा। इस निर्णय के बाद एलडीटी शिक्षकों का औसत वेतन करीब 1.15 लाख रुपए और यूडीटी शिक्षकों का औसत वेतन 1.25 लाख रुपए से अधिक होने का अनुमान है। यह नया वेतनमान 1 जुलाई 2023 से प्रभावी होगा।

जिन शिक्षकों की 35 साल की सेवा जुलाई 2023 से पहले पूरी हो चुकी है, उन्हें 1 जुलाई 2023 से अब तक का पूरा एरियर दिया जाएगा। अनुमानित रूप से यह एरियर 1.20 लाख से 1.80 लाख रुपए तक हो सकता है। जिन शिक्षकों की 35 वर्ष की सेवा 2023 से 2026 के बीच पूरी होगी, उन्हें सेवा पूर्ण होने की तिथि से एरियर का भुगतान किया जाएगा।

कैबिनेट के अन्य प्रमुख निर्णय

एमपी में स्पेस टेक नीति–2026 लागू

कैबिनेट बैठक में स्पेस टेक नीति–2026 को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही केरल और ओडिशा के बाद मध्यप्रदेश देश का तीसरा राज्य बन गया है, जहां यह नीति लागू हुई है। इस नीति के माध्यम से राज्य में स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़ी गतिविधियों और निवेश को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

800 मेगावाट सोलर-स्टोरेज परियोजनाओं को मंजूरी

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने 800 मेगावाट क्षमता की तीन सोलर-स्टोरेज परियोजनाओं को हरी झंडी दी। इन परियोजनाओं से नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और भंडारण क्षमता बढ़ने की संभावना है।

ई-कैबिनेट की शुरुआत

यह बैठक मोहन सरकार की पहली हाईटेक कैबिनेट बैठक रही, जिसमें मुख्यमंत्री और सभी मंत्री फाइलों की जगह टैबलेट लेकर पहुंचे। ई-कैबिनेट की इस शुरुआत का उद्देश्य पेपरलेस सिस्टम को बढ़ावा देना, पारदर्शिता बढ़ाना और समय की बचत करना है।

इंदौर जामा मस्जिद भूमि आवंटन पर पुनर्विचार

कैबिनेट में दिग्विजय सरकार के वर्ष 2003 के फैसले, इंदौर जामा मस्जिद क्षेत्र में भूमि आवंटन, पर पुनर्विचार का एजेंडा भी रखा गया। हालांकि इस विषय पर अंतिम निर्णय की जानकारी साझा नहीं की गई।

शहरी अधोसंरचना और ‘संकल्प से समाधान’ अभियान

बैठक में मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के तहत 5000 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई, जिसका उद्देश्य शहरों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है।

इसके साथ ही ‘संकल्प से समाधान’ अभियान को 31 मार्च तक चलाने की जानकारी दी गई। इस अभियान के तहत 16 विभागों की 91 योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को घर-घर जाकर जोड़ा जाएगा। अभियान चार चरणों में संचालित किया जाएगा।

निष्कर्ष

कैबिनेट के इन निर्णयों से एक ओर राज्य के 1.22 लाख से अधिक शिक्षकों को वेतनमान और एरियर का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्पेस टेक नीति, सौर ऊर्जा परियोजनाएं, ई-कैबिनेट, शहरी अधोसंरचना और जनकल्याणकारी अभियान के माध्यम से प्रशासनिक और विकासगत ढांचे को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Janmejay Chaturvedi