मध्यप्रदेश में लोक परिवहन सेवा प्रबंधन हेतु नई होल्डिंग कंपनी और जिला अधिकार

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मध्यप्रदेश में लोक परिवहन सेवा प्रबंधन हेतु नई होल्डिंग कंपनी और जिला अधिकार

मध्यप्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन सेवा प्रबंधन के लिए नई संरचना

मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में लोक परिवहन सेवा शुरू करने से पहले जिलों में परिवहन सेवा प्रबंधन के लिए अधिकार सौंपने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक यात्री परिवहन सेवाओं पर बेहतर नियंत्रण और प्रशासनिक एकरूपता स्थापित करना है।

सहायक क्षेत्रीय कंपनियों के पदेन अध्यक्षों की नियुक्ति

परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मध्य प्रदेश यात्री परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के प्रबंध संचालक को सभी सहायक क्षेत्रीय कंपनियों का पदेन अध्यक्ष नामित किया गया है। इसके माध्यम से क्षेत्रीय स्तर पर सार्वजनिक यात्री परिवहन सेवाओं का प्रभावी प्रबंधन किया जाएगा।

भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों के लिए, अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड को इंदौर संभाग के सभी जिलों के लिए, और जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड को जबलपुर संभाग के सभी जिलों के लिए पदेन अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया है।

इसी प्रकार उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड को उज्जैन संभाग के सभी जिलों के लिए, सागर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड को सागर संभाग के सभी जिलों के लिए, और रीवा सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड को रीवा एवं शहडोल संभाग के सभी जिलों के लिए पदेन अध्यक्ष घोषित किया गया है।

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए नई कंपनी

ग्वालियर और चंबल क्षेत्र के सभी जिलों के लिए एक नई कंपनी के गठन की प्रक्रिया चल रही है। यह नई कंपनी भी क्षेत्रीय स्तर पर सार्वजनिक यात्री परिवहन सेवा के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कैबिनेट की स्वीकृति और पूंजी प्रावधान

राज्य सरकार द्वारा यात्री परिवहन सेवा प्रारंभ करने के लिए 101 करोड़ 20 लाख रुपये की अंशपूंजी के रूप में स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिए कंपनी अधिनियम के तहत विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) गठित हैं, जिनमें से 16 वर्तमान में कार्यरत हैं। सभी कंपनियों को संबंधित संभागीय कंपनी के रूप में मर्ज करने का भी निर्णय लिया गया है।

राज्य स्तर पर होल्डिंग कंपनी का गठन

प्रदेश में परिवहन व्यवस्था के संचालन के लिए सात कंपनियों पर नियंत्रण हेतु राज्य स्तर पर कंपनीज एक्ट 2013 के अंतर्गत एक होल्डिंग कंपनी का गठन करने का निर्णय लिया गया है। यह होल्डिंग कंपनी सभी संभागीय कंपनियों के संचालन, समन्वय और निगरानी का केंद्रीय ढांचा प्रदान करेगी।

जिला स्तरीय समितियां और पीपीपी मॉडल

कैबिनेट बैठक में जिला स्तरीय यात्री परिवहन समिति के गठन को भी मंजूरी दी गई है। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल अपनाया जाएगा। यात्री और बस ऑपरेटरों के लिए आवश्यक सुविधाओं का निर्माण पीपीपी के माध्यम से किया जाएगा।

बस संचालन और संधारण कार्य भी पीपीपी मोड की प्रक्रिया के तहत निजी बस ऑपरेटरों से कराया जाएगा। इस व्यवस्था से निजी भागीदारी के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

आईटी आधारित निगरानी व्यवस्था

परिवहन सेवाओं की प्रभावी निगरानी के लिए आईटी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन की स्थापना की जाएगी। बस ऑपरेशन्स पर निगरानी रखने के लिए होल्डिंग कंपनी एक आईटी प्लेटफॉर्म स्थापित करेगी। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिसूचित मार्गों के अनुसार निजी बस ऑपरेटरों को अनुबंधित किया जाएगा और उनके संचालन पर लगातार नजर रखी जाएगी।

इन सभी प्रावधानों के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन सेवाओं को अधिक संगठित, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

Arvind Vishwakarma