मध्यप्रदेश में मानसून विदाई के साथ भारी बारिश
मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बीच कई जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है। राज्य के भोपाल, बैतूल, खरगोन, पचमढ़ी, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर और छतरपुर जैसे इलाकों में मौसम ने करवट बदली है। नर्मदापुरम के तवा डैम का जलस्तर भारी बारिश के कारण तेजी से बढ़ रहा है और इसे नियंत्रित करने के लिए एक गेट खोलना पड़ा है।
खरगोन में बारिश से फसलों को नुकसान
खरगोन के कसरावद क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे किसानों को कपास की चुनाई रोकनी पड़ी। बारिश के कारण सोयाबीन और कपास की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। किसानों को नमी वाली फसलों के लिए कम दाम मिलने का डर सता रहा है।
प्रदेश के 11 जिलों से मानसून ने ली विदाई
मध्यप्रदेश के 11 जिलों से मानसून पूरी तरह विदा हो चुका है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम शामिल हैं। उज्जैन, राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्सों से भी मानसून लौट चुका है।
अगले 24 घंटे में लो प्रेशर एरिया सक्रिय
मौसम विभाग ने बताया है कि प्रदेश के दक्षिणी हिस्से से गुजर रही टर्फ और लो प्रेशर एरिया की वजह से अगले 24 घंटों में बारिश का दौर जारी रहेगा। हालांकि, इस दौरान प्रदेश के बाकी हिस्सों से मानसून लौट सकता है।
गुना में सबसे ज्यादा और खरगोन में सबसे कम बारिश
गुना जिले में इस मानसून सीजन में सबसे ज्यादा 65.4 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि खरगोन में सबसे कम 27.6 इंच बारिश हुई है। रायसेन, मंडला और श्योपुर जैसे जिलों में भी भारी बारिश हुई है।
भोपाल और इंदौर संभाग में स्थिति
भोपाल में पिछले चार साल से सितंबर महीने में औसत से अधिक बारिश हो रही है। इंदौर संभाग में, जहां शुरुआत में कम बारिश हुई थी, वहां सितंबर महीने में तेज बारिश के कारण स्थिति में सुधार आया है। हालांकि, उज्जैन और आसपास के इलाकों में अभी भी सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है।
119 प्रतिशत बारिश दर्ज
प्रदेश में अब तक 119 प्रतिशत बारिश दर्ज हो चुकी है, जो सामान्य औसत से अधिक है। इस बार मानसून ने 16 जून को दस्तक दी थी और समय से छह दिन पहले ही विदाई शुरू हो गई।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।