मध्यप्रदेश में वोटर लिस्ट की गहन जांच शुरू
चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू करने की घोषणा की है। इस प्रक्रिया के तहत राज्य की 230 विधानसभा सीटों पर हर बूथ की वोटर लिस्ट की गहनता से जांच की जाएगी। सभी वोटर्स को फिर से वेरिफाई किया जाएगा और संदिग्ध व्यक्तियों से दस्तावेज मांगे जाएंगे।
गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए एमपी में पहले ही ट्रेनिंग पूरी कर ली है। आज रात 12 बजे से मतदाता सूची फ्रीज होगी। इसके बाद बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर फॉर्म बांटेंगे। बीएलओ तीन बार हर घर जाएंगे। इसके लिए कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, और अन्य अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
क्या है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन?
एसआईआर के तहत हर वोटर की गहनता से जांच की जाती है। 2003-04 में हुई वोटर लिस्ट से मिलान किया जाएगा। नए वोटर्स को डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। इसमें जन्म प्रमाण पत्र, नागरिकता के दस्तावेज, और माता-पिता की जानकारी की पुष्टि की जाएगी।
राजनीतिक आरोप और प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे भाजपा और चुनाव आयोग का डरावना प्रयास बताया है। उन्होंने बिहार में एसआईआर के दौरान हुई गड़बड़ियों का हवाला दिया।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश में इस व्यापक प्रक्रिया के माध्यम से वोटर लिस्ट में सुधार किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि वोटर लिस्ट सटीक और पारदर्शी हो। हालांकि, राजनीतिक दलों के आरोपों के चलते इस प्रक्रिया पर नजर बनी रहेगी।
Pushpendra Chaubey