मिडिल ईस्ट में तनाव का आठवां दिन: तेहरान से तेल अवीव तक मिसाइलों की बौछार, यूएन ने जताई गहरी चिंता
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को आज आठ दिन हो गए हैं, और संघर्ष कम होने के बजाय लगातार बढ़ता ही जा रहा है। तेहरान से लेकर तेल अवीव तक मिसाइलों की बौछारें दागी जा रही हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। संयुक्त राष्ट्र ने इस बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है, चेतावनी देते हुए कहा है कि यह संघर्ष 'किसी के भी नियंत्रण से बाहर' हो सकता है और तत्काल कूटनीतिक प्रयासों की अपील की है।
संघर्ष की शुरुआत और प्रमुख घटनाक्रम
तनाव की शुरुआत 28 फरवरी 2026, शनिवार को हुई जब अमेरिका और इजरायल ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत ईरान की राजधानी तेहरान में भीषण हमले किए। इस हमले के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके जवाब में, ईरान ने इजरायल सहित कई खाड़ी देशों में मिसाइलों की बौछारें शुरू कर दीं, जिससे क्षेत्र में तनाव कई गुना बढ़ गया।
इजरायल-अमेरिका का दावा और ईरान की प्रतिक्रिया
इजरायली सेना ने तेहरान के मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए जोरदार धमाकों की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को इजरायली वायुसेना ने ईरान के सर्वोच्च नेता के परिसर के नीचे बने भूमिगत बंकर को निशाना बनाया था। इजरायल के अनुसार, इस ऑपरेशन में लगभग 50 फाइटर जेट शामिल थे, जो सटीक मिलिट्री इंटेलिजेंस और मोसाद के समन्वय पर आधारित थे। अमेरिका और इजरायल का दावा है कि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' ईरान की सेना को पंगु बना रहा है। इजरायली सेना ने लगभग 80 प्रतिशत ईरानी हवाई रक्षा प्रणालियों को ध्वस्त करने का दावा किया है।
वहीं, अमेरिकी केंद्रीय कमान ने पिछले 72 घंटों में ईरान में लगभग 200 लक्ष्यों पर हमला करने की सूचना दी है, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और नौसैनिक जहाज शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की वायु सेना "खत्म हो चुकी है"। उनका कहना है कि ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90 प्रतिशत और ड्रोन हमलों में 83 प्रतिशत की गिरावट आई है। हालांकि, ईरानी सेना का कहना है कि वह खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए है।
खाड़ी देशों में हमले और हिजबुल्लाह पर कार्रवाई
ईरान के पलटवार के बाद, इजरायल ने बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर बमबारी की। इजरायली सेना ने बेरूत में कमांड केंद्रों, बहुमंजिला इमारतों और उन ठिकानों को निशाना बनाया जहां हिजबुल्लाह के ड्रोनों को रखा गया था, जिनका उद्देश्य इजरायल पर हमला करना था। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तत्काल कूटनीतिक समाधान खोजने का आग्रह किया है ताकि स्थिति और न बिगड़े।
Adarsh Chaurasiya