मिस्र में दुनिया का सबसे बड़ा म्यूजियम खुला
मिस्र के गीजा पिरामिडों के पास दुनिया का सबसे बड़ा संग्रहालय ग्रैंड इजिप्शियन म्यूजियम (GEM) शनिवार को आम जनता के लिए खोल दिया गया। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सीसी ने किया, जिसमें दुनिया के कई देशों के नेता भी शामिल हुए।
तूतनखामेन की कब्र और ऐतिहासिक धरोहरें प्रदर्शित
म्यूजियम की मुख्य विशेषता 3000 साल पुरानी तूतनखामेन की कब्र है, जिसे 1922 में ब्रिटिश पुरातत्वविद हावर्ड कार्टर ने खोजा था। इस कब्र से 5500 वस्तुएं प्राप्त हुई थीं, जो पहली बार एक ही स्थान पर प्रदर्शित की गई हैं। इसके अलावा, संग्रहालय में 50 हजार से अधिक ऐतिहासिक वस्तुएं, जैसे 83 टन वजनी रामेसेस द्वितीय की मूर्ति और खुफू की नाव भी रखी गई हैं।
रहस्यमयी मौतों का इतिहास
तूतनखामेन की कब्र से जुड़े रहस्यमयी घटनाओं ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। इसे खोजने वाले हावर्ड कार्टर के साथ जुड़े पांच लोगों की रहस्यमयी मौतें हुईं, जिससे 'कब्र का श्राप' की अफवाहें फैलीं। हालांकि, हालिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि इन मौतों का कारण बैक्टीरिया और फंगस थे।
पर्यटन और सुरक्षा
यह म्यूजियम मिस्र के पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हर साल 80 लाख पर्यटकों के आने की उम्मीद है। म्यूजियम का क्षेत्रफल 5 लाख वर्ग मीटर है और इसमें पिरामिड के आकार का एक विशाल दरवाजा बनाया गया है। हालांकि, सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी हैं, लेकिन GEM प्रशासन ने आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं का दावा किया है।
निष्कर्ष
ग्रैंड इजिप्शियन म्यूजियम न केवल मिस्र की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करेगा, बल्कि इसे दुनिया भर के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र भी बनाएगा। यह म्यूजियम मिस्र की संस्कृति और इतिहास की गहराई को समझने का एक बेहतरीन मौका है।
Arvind Vishwakarma