मकानों की गिनती आज से, परिवार के अनाज की जानकारी भी लेंगे प्रगणक
प्रदेश में 15 साल बाद आज से जनगणना कार्यक्रम के अंतर्गत मकानों की गणना का काम शुरू हो रहा है। 30 मई तक प्रदेश में कच्चे, पक्के सभी तरह के मकानों की गणना की जाएगी। साथ ही, जनगणना प्रगणकों द्वारा उन मकानों में रहने वाले परिवारों से उनके <आहार और रहन-सहन> के बारे में जानकारी ली जाएगी।
अनाज की जानकारी का उद्देश्य
प्रभारी जनगणना निदेशक कार्तिकेया गोयल ने बताया कि प्रगणक परिवारों से उनके <मुख्य अनाज> के बारे में पूछेंगे। इस जानकारी का उपयोग यह पता लगाने के लिए किया जाएगा कि <कितने लोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली> (PDS) के अनाज के दायरे में आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जानकारी <देश की प्रगति और विकास> के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं में उपयोग होगी और <इसका डेटा किसी को साझा नहीं> किया जाएगा।
सेल्फ एनुमरेशन पोर्टल बंद
मकानों की घर-घर जाकर गणना शुरू होने से पहले सेल्फ एनुमरेशन (स्वगणना) के माध्यम से जानकारी देने संबंधी पोर्टल बंद कर दिया गया है। अब प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे, चाहे व्यक्ति ने स्वगणना पोर्टल पर जानकारी भरी हो या नहीं।
अवकाश पर रोक और अन्य निर्देश
राज्य शासन ने <राष्ट्रीय महत्व के इस काम> के चलते फील्ड में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों के <अवकाश पर एक माह के लिए रोक> लगा दी है। शहरी क्षेत्रों में बंद कॉलोनियों और अपार्टमेंट परिसरों में गणना के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में <जागरूकता उत्पन्न करने के निर्देश> जारी किए गए हैं।
टोल-फ्री नंबर और भविष्य की गणना
1855टोल-फ्री नंबर पर <जनगणना संबंधित जानकारी> प्राप्त की जा सकती है। जो मकान फरवरी 2027 से पहले पूरे हो जाएंगे, उनकी गणना <फरवरी 2027 की जनगणना> के दौरान की जाएगी।
L. N. Bhargava