ममता बनर्जी की गाड़ी पर पत्थर फेंके जाने का आरोप
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया कि उनकी गाड़ी पर पत्थरों से हमला किया गया। पुलिस के सामने भीड़ ने गाड़ी रोक ली और कार पर मिट्टी व कीचड़ लगा दिया। कुछ लोगों ने जूते और पत्थर फेंके। उन्होंने कहा कि अगर खिड़की खुली होती तो सिर चकनाचूर हो जाता और मौत भी हो सकती थी।
घटना का विवरण
ममता बनर्जी उत्तर 24 परगना जिले में टीएमसी कार्यकर्ता बिरजू केओट की मौत के बाद उनके परिवार से मिलने जा रही थीं। रास्ते में बिजपुर के पास स्थानीय भीड़ ने उनका काफिला रोक लिया। प्रदर्शनकारियों ने 'चोर-चोर' के नारे लगाए। बिरजू की मौत हालीशहर पुलिस की हिरासत में तबीयत बिगड़ने के बाद हुई थी।
ममता का बयान
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी कार पर हमला एक साजिश है। उन्होंने कहा कि पुलिस को बता दिया गया था कि वे वहां आएंगी, फिर भी पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम नहीं किए। उन्होंने कहा कि पूरा पश्चिम बंगाल गुंडों के नियंत्रण में है।
तीन महीने में तीसरा मामला
8 जुलाई: रैली में तीन कार्यकर्ताओं को थप्पड़
8 जुलाई को कोलकाता में टीएमसी की रैली में हंगामा हुआ। ममता बनर्जी नाराज हो गईं और अपनी पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं को थप्पड़ मारते दिखीं। रैली बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ रेप-मर्डर के विरोध में निकाली जा रही थी। इस दौरान 'चोर-चोर' के नारे लगे और कुछ लोगों ने अंडे फेंके। टीएमसी ने आरोप लगाया कि हंगामा भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया और मारपीट की। ममता ने कहा कि बंगाल में अराजकता फैल गई है और पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं की तरह काम कर रही है।
4 मई: स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर हमले का आरोप
4 मई को बंगाल विधानसभा के रिजल्ट वाले दिन ममता बनर्जी ने काउंटिंग सेंटर से बाहर निकलने पर आरोप लगाया कि काउंटिंग सेंटर के अंदर उन पर हमला किया गया, उन्हें मारा गया और धक्का दिया गया। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे।
सुरक्षा
मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी ममता बनर्जी को Z+ सुरक्षा प्राप्त है। मई 2026 में पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद उनके आवास के बाहर की अतिरिक्त पुलिस व्यवस्था कम की गई, लेकिन Z+ सुरक्षा नहीं हटाई गई। ममता बनर्जी की Z+ सुरक्षा में करीब 55 कर्मियों का सुरक्षा घेरा रहता है।
Sharad Shrivastava