मनरेगा का नाम बदलने पर आनंद माधव का तीखा बयान, कांग्रेस करेगी आंदोलन

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मनरेगा का नाम बदलने पर आनंद माधव का तीखा बयान, कांग्रेस करेगी आंदोलन

मनरेगा का नाम बदलने पर आनंद माधव का बड़ा बयान, कांग्रेस करेगी राष्ट्रव्यापी आंदोलन

बिहार कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता और रिसर्च विभाग के चेयरमैन आनंद माधव ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इसे महात्मा गांधी की विरासत पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाया।

नए नाम और प्रावधानों पर आपत्ति

आनंद माधव के अनुसार मनरेगा का नया नाम विकसित भारत-गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बदलाव के साथ न केवल महात्मा गांधी का नाम हटाया गया है, बल्कि उनकी “दोबारा हत्या” की गई है। उनके मुताबिक मनरेगा देश के मजदूरों की आत्मा थी और इस कानून के जरिए ग्रामीण मजदूरों को सुरक्षा कवच मिलता था।

उन्होंने बताया कि नए प्रावधानों के तहत काम के दिन 100 से बढ़ाकर 125 कर दिए गए हैं, लेकिन इसे उन्होंने मात्र दिखावा करार दिया। आनंद माधव ने कहा कि पहले मनरेगा में केंद्र सरकार 100 प्रतिशत गारंटी देती थी, जबकि अब केंद्र की हिस्सेदारी घटाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है और शेष 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकारों को देनी होगी।

रोजगार के अधिकार पर सवाल

आनंद माधव ने कहा कि मनरेगा एक मांग-आधारित योजना थी, जिसने हर साल पांच से छह करोड़ ग्रामीण परिवारों को संकट के समय सुरक्षा कवच प्रदान किया। उनके मुताबिक पहले रोजगार को अधिकार के रूप में सुनिश्चित किया गया था, लेकिन अब इसे सरकार की मर्जी पर निर्भर बना दिया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे ग्रामीण गरीबों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

कांग्रेस का ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान

मनरेगा में किए गए बदलावों और नाम परिवर्तन के खिलाफ कांग्रेस ने आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी ने बताया कि काम के अधिकार की रक्षा और मनरेगा को कमजोर किए जाने के विरोध में 10 जनवरी से 25 फरवरी तक पूरे देश में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान चलाया जाएगा।

कांग्रेस के अनुसार इस अभियान का उद्देश्य केंद्र सरकार की नीतियों से प्रभावित मनरेगा श्रमिकों की आवाज को सड़क से संसद तक पहुंचाना है। पार्टी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, अभियान की तैयारी आठ जनवरी से शुरू होगी, जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में आंदोलन की रूपरेखा, जिम्मेदारियां और रणनीति तय की जाएंगी।

अभियान का औपचारिक शुभारंभ

जानकारी के अनुसार 10 जनवरी को सभी जिलों में जिला-स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ता मनरेगा से जुड़ी वर्तमान नीतियों, मजदूरों पर पड़ने वाले प्रभाव और पार्टी की मांगों को सार्वजनिक रूप से उठाएंगे।

लेख में आनंद माधव के बयानों के साथ-साथ कांग्रेस द्वारा घोषित कार्यक्रमों और आंदोलन की रूपरेखा को सामने रखा गया है, जिसमें मनरेगा की मौजूदा स्थिति और उसके भविष्य को लेकर राजनीतिक संघर्ष की झलक मिलती है।

Gulzar Ahmad