मोहन भागवत से यूपी के दोनों डिप्टी सीएम की अहम मुलाकातें, सरकार-संगठन समन्वय पर जोर

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मोहन भागवत  से  यूपी  के  दोनों डिप्टी सीएम  की अहम मुलाकातें,  सरकार-संगठन  समन्वय पर जोर

मोहन भागवत से यूपी के दोनों डिप्टी सीएम की मुलाकातें, सरकार-संगठन में समन्वय पर जोर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाद दोनों डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक ने मुलाकात की। ये मुलाकातें गुरुवार सुबह निराला नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में हुईं। इन बैठकों को सरकार, संगठन और संघ के बीच समन्वय के नजरिए से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

डिप्टी सीएम केशव मौर्य और ब्रजेश पाठक से अहम चर्चा

सुबह पहले डिप्टी सीएम केशव मौर्य मोहन भागवत से मिलने पहुंचे। उनकी करीब 20 मिनट तक भागवत से विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके थोड़ी देर बाद ही दूसरे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी भागवत से मिलने के लिए पहुंचे। उनसे भी कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसकी अवधि लगभग 20 मिनट रही। गौरतलब है कि ब्रजेश पाठक ने भागवत से मिलने से पहले अपने आवास पर बटुकों की पूजा की थी। यह पूजा यूपी में चल रहे शंकराचार्य विवाद के बीच हुई थी, जहाँ पाठक ने 101 ब्राह्मण बटुकों को आमंत्रित कर तिलक लगाया और उनका आशीर्वाद लिया।

संघ प्रमुख का यूपी दौरा और प्रमुख बयान

संघ प्रमुख मोहन भागवत इन दिनों उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। गोरखपुर के बाद वे मंगलवार को लखनऊ पहुंचे और आज मेरठ के लिए रवाना होंगे। लखनऊ में दो दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने संगठन विस्तार और सामाजिक समरसता पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी और इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रमों को संबोधित किया। इससे पहले, संघ प्रमुख और सीएम योगी की अयोध्या में 25 नवंबर, 2025 को राम मंदिर में धर्म ध्वजा समारोह के दौरान करीब आधे घंटे की मुलाकात हुई थी।

अपने संबोधन और चर्चाओं के दौरान, मोहन भागवत ने कई महत्वपूर्ण बयान दिए:

RSS भाजपा का रिमोट कंट्रोल नहीं

मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि संघ भाजपा का रिमोट कंट्रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक भाजपा में जाते हैं और आगे भी बढ़े हैं, लेकिन यह कहना गलत है कि संघ भाजपा को चलाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का विरोध करने वाले लोग ही संघ का विरोध करते हैं। उन्होंने अमेरिकी टैरिफ पर कहा कि यह उनका पुराना तरीका है, वे हथियार और आर्थिक ताकत के दम पर झुकाना चाहते हैं, लेकिन भारत इतना मजबूत है कि उनके आगे झुका नहीं है।

हम सब एक हैं, छुआछूत खत्म हो

भागवत ने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि UGC से जुड़ा मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है और कोर्ट जो फैसला देगा, उसी के अनुसार आगे देखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कानून गलत हो तो उसे बदलने का तरीका भी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि हम सब भारत माता के बेटे-बेटी हैं, रंग, रूप या जाति अलग हो सकती है, लेकिन अपनापन बना रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही भावना छुआछूत जैसी बुराई को खत्म कर सकती है।

हिंदू समाज बंटा हुआ

उन्होंने कहा कि जाति नाम की कोई व्यवस्था अब रहनी नहीं चाहिए, क्योंकि पहले यह काम के आधार पर थी और अब समय बदल गया है। जाति की दीवारें धीरे-धीरे टूट रही हैं। भागवत ने स्वीकार किया कि हिंदू समाज में ताकत है, लेकिन वह बंटा हुआ है और स्वार्थ में फंसा है। उन्होंने कहा कि अगर समाज एकजुट हो जाए तो देश को आगे बढ़ा सकता है। उन्होंने नई चीजों का विरोध न करने, लेकिन पश्चिमीकरण की नकल को गलत बताया। उन्होंने आधुनिक बनने के साथ अपनी जड़ों और संस्कृति को न भूलने का आह्वान किया। संयुक्त परिवारों के कम होने पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने रिश्तों का भाव बनाए रखने और हफ्ते में कम से कम एक बार परिवार के साथ बैठने का सुझाव दिया, यह कहते हुए कि बच्चों को संस्कार घर और स्कूल दोनों से मिलते हैं।

Vivek Singh