MP में 'कृषक कल्याण वर्ष' पर सवाल: पटवारी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2026 को "कृषक कल्याण वर्ष" घोषित किए जाने को 'कड़वा मजाक' बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के कृषि और संबद्ध विभागों में हजारों खाली पदों का मुद्दा उठाया, आरोप लगाया कि सरकारी उदासीनता के कारण प्रदेश का कृषि तंत्र दम तोड़ रहा है।
कृषि विभाग में 60% पद रिक्त
पटवारी ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश कृषि विभाग में स्वीकृत 14,537 पदों में से 8,468 पद खाली पड़े हैं। इसका मतलब है कि विभाग का लगभग 60% अमला अनुपस्थित है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकारी तंत्र ही आधा खाली हो, तो क्या केवल 'खाली कुर्सियों' के भरोसे किसानों का कल्याण होगा? विशेष रूप से 'ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी' जैसे महत्वपूर्ण पदों के रिक्त होने से फसल नुकसान सर्वे और सॉइल हेल्थ कार्ड जैसी योजनाएं प्रभावी नहीं हो पा रही हैं।
सहयोगी विभागों की बदहाली
पत्र में केवल कृषि ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े अन्य विभागों की रिक्तियों का भी विवरण दिया गया है। उद्यानिकी विभाग में 64% पद, पशुपालन विभाग में 33%, मत्स्य पालन विभाग में 33% और सहकारिता विभाग में 73% पद खाली पड़े हैं।
चौहान और मोहन सरकार पर निशाना
जीतू पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चौहान दो दशकों तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उन्होंने संस्थागत क्षमता निर्माण के बजाय केवल घोषणाएं कीं। पटवारी ने आरोप लगाया कि वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उसी 'घोषणाओं की खेती' को आगे बढ़ा रहे हैं, जबकि प्रशासनिक जमीन बंजर पड़ी है।
प्रधानमंत्री से तीन प्रमुख मांगें
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से इस गंभीर स्थिति को संज्ञान में लेने का आग्रह करते हुए तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सभी रिक्त पदों को तत्काल भरना, "कृषक कल्याण वर्ष" की घोषणा की समीक्षा करना और किसानों के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा करना शामिल है। पटवारी ने अंत में लिखा कि मध्य प्रदेश का किसान आज मौसम की मार के साथ-साथ सरकारी दफ्तरों की 'खाली कुर्सियों' से भी संघर्ष करने को मजबूर है। इस पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी भेजी गई है।
L. N. Bhargava