एमपी में पेपर स्टाम्प होंगे अतीत की बात
मध्य प्रदेश में पेपर स्टाम्प की छपाई पूरी तरह बंद करने की तैयारी चल रही है। अब जमीन, मकान की रजिस्ट्री, शपथ-पत्र और किरायानामा जैसी जरूरतों के लिए केवल ई-स्टाम्प का उपयोग किया जाएगा। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव भेजा है।
डिजिटल स्टाम्प से होगी बड़ी बचत
करीब 10 साल पहले एमपी में ₹100 से अधिक कीमत वाले स्टाम्प पेपर की छपाई बंद कर दी गई थी। अब पेपर स्टाम्प को पूरी तरह बंद कर डिजिटल स्टाम्प का उपयोग शुरू करने से हर साल ₹30 करोड़ से अधिक की बचत होगी। स्टाम्प की प्रिंटिंग और वेंडर्स तक पहुंचाने में लगने वाला खर्च भी कम होगा।
ट्रैकिंग होगी आसान
एमपी में इलेक्ट्रॉनिक स्टाम्पिंग सिस्टम (ESS) की शुरुआत जुलाई 2013 में हुई थी। इस सिस्टम के जरिए स्टाम्प पेपर को अधिकृत वेंडर के माध्यम से ऑनलाइन खरीदा जा सकता है। डिजिटल स्टाम्प के उपयोग से ट्रैकिंग की प्रक्रिया भी सरल हो जाएगी।
डिजिटल स्टाम्प खरीदने का तरीका
ई-स्टाम्प को ऑनलाइन माध्यम से या अधिकृत वेंडर से खरीदा जा सकता है, जिससे प्रक्रिया और सरल हो जाएगी।
इस नई व्यवस्था से स्टाम्प पेपर का दुरुपयोग भी रोका जा सकेगा और राज्य में पारदर्शिता बढ़ेगी।
Adarsh Chaurasiya