मुजफ्फरनगर संविधान रैली से पहले डॉ. रोहिणी घावरी और चंद्रशेखर आजाद के विवाद ने पकड़ा तूल
भीम आर्मी चीफ और उत्तर प्रदेश के सांसद चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ की मुजफ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में प्रस्तावित संविधान रैली से पहले सोशल मीडिया पर नया विवाद खड़ा हो गया है। इंदौर की रहने वाली पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी ने इंटरनेट मीडिया पर चंद्रशेखर को खुली चुनौती देते हुए कई तीखे पोस्ट किए हैं, जिनके बाद रैली को लेकर बहस और प्रशासनिक सतर्कता दोनों बढ़ गई हैं।
रोहिणी की चेतावनी: मंच पर साथ बैठने और भाषण देने का एलान
डॉ. रोहिणी घावरी ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि वे 26 नवंबर को होने वाली संविधान रैली में पहुंचेंगी और चंद्रशेखर के मंच पर ही उनके साथ बैठकर भाषण भी देंगी। उन्होंने लिखा कि मंच चंद्रशेखर का होगा, लोग भी चंद्रशेखर के होंगे, लेकिन शपथ वे स्वयं लेंगी। उन्होंने चुनौती भरे अंदाज में कहा कि अगर किसी ने मंच से या वहां मौजूद रहते हुए उन्हें हाथ लगाया तो पूरा देश महिला सम्मान को देखेगा।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा कि चंद्रशेखर समाज को भ्रमित कर मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहा है, जबकि अब वे उसकी संसदीय ताकत को भी चुनौती देने से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने चंद्रशेखर के आकाओं को ही उसके खिलाफ कर दिया है और अब इसके असर का इंतजार है।
पुलिस और प्रशासन सतर्क, 26 नवंबर की रैली पर नजरें
डॉ. रोहिणी के इन बयानों के बाद सिर्फ सोशल मीडिया पर ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। रैली को लेकर पुलिस और प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। सभी की निगाहें 26 नवंबर की संविधान रैली पर हैं, जहां दोनों के आमने-सामने आने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
रोहिणी ने दावा किया कि चंद्रशेखर के मंच पर जाने से पुलिस उन्हें रोकेगी नहीं, बल्कि उनके साथ जाएगी और पूरी सुरक्षा देगी। उन्होंने लोगों से संविधान दिवस पर इंतजार करने और रैली में मिलने की बात लिखी।
परिवार को लेकर दी थी सख्त चेतावनी
लेख में बताया गया कि इससे पहले भी डॉ. रोहिणी ने सोशल मीडिया पर चंद्रशेखर आजाद को सीधे लहजे में चेतावनी दी थी। उन्होंने लिखा था कि उनके माता-पिता उनके लिए भगवान की तरह हैं और यदि उन्हें जरा भी तकलीफ पहुंचाने की कोशिश की गई तो वे भारत आकर अपनी ताकत दिखाएंगी। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर की लड़ाई अगर उनसे है तो वह उसी से लड़े, पूरे देश में उनके खिलाफ एफआईआर कराए या उनकी हत्या करा दे, लेकिन परिवार को बीच में न लाया जाए।
पृष्ठभूमि: रिश्ते, आरोप और वर्तमान जीवन
डॉ. रोहिणी घावरी इंदौर के बीमा अस्पताल में काम करने वाली एक सफाईकर्मी की बेटी हैं। वर्ष 2019 में वे उच्च शिक्षा के लिए स्विट्जरलैंड गईं। पढ़ाई के दौरान ही उनकी और चंद्रशेखर आजाद की जान-पहचान हुई और दोनों करीब तीन साल तक रिलेशनशिप में रहे। बाद में रोहिणी ने चंद्रशेखर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।
वर्तमान में डॉ. रोहिणी स्विट्जरलैंड में नौकरी कर रही हैं और एक एनजीओ भी चला रही हैं।
पहले भी दी थी सुसाइड की धमकी
रिपोर्ट के अनुसार करीब दो महीने पहले डॉ. रोहिणी घावरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आत्महत्या की धमकी दी थी। उन्होंने चार घंटे के भीतर तीन पोस्ट किए। एक पोस्ट में चंद्रशेखर, उनकी पत्नी और बच्चे की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उनका जीवन बर्बाद कर के वह खुशियां मना रहे हैं और वे उसी दिन उनके नाम पर जहर खाएंगी क्योंकि उन्हें खत्म कर दिया गया है।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए लिखा कि उनकी लाश भारत वापस न लाई जाए, क्योंकि उनकी बात किसी ने नहीं सुनी और सबने अपराधी का साथ दिया। उन्होंने इसे अपना अंतिम अलविदा बताया।
ऑडियो वायरल और नए आरोप
इससे पहले डॉ. रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर आजाद पर मायावती और कांशीराम को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए एक ऑडियो भी वायरल किया था। फेसबुक लाइव के दौरान उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर ने दलित आंदोलन का मजाक बनाया है और उनके समर्थक उन्हें बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सहारनपुर की घटना में चंद्रशेखर की कोई भूमिका नहीं थी और अब वे अपनी गरिमा की लड़ाई लड़ रही हैं।
इन सभी घटनाओं की पृष्ठभूमि में अब 26 नवंबर की मुजफ्फरनगर संविधान रैली पर खास नजर है, जहां राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों के बीच यह व्यक्तिगत विवाद भी सुर्खियों में बना हुआ है।
Ravi Yadav