मध्य प्रदेश में नया मौसम सिस्टम: 15 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट
मध्य प्रदेश में एक नए मौसम सिस्टम के कारण 15 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है।
प्रभावित जिले और मौसम का पूर्वानुमान
जिन 15 जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की चेतावनी है, उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को ग्वालियर-चंबल में बादल छाए रहेंगे, जबकि 18 और 19 फरवरी को बारिश होने की उम्मीद है। सिस्टम का सबसे ज्यादा असर 18 फरवरी को देखा जाएगा, जबकि 19 फरवरी को हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं और तेज बारिश नहीं होगी। यह फरवरी में तीसरी बार होगा जब प्रदेश में बारिश होगी। इससे पहले हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ था, जिसके बाद सरकार ने सर्वे भी कराया था।
तापमान में गिरावट और रातों की ठंड
पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के प्रभाव से ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के कुछ जिलों में बादल छा सकते हैं, जिससे दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। प्रदेश में जहां दिन गर्म हैं, वहीं कई शहरों में रातें अभी भी ठंडी बनी हुई हैं। रविवार-सोमवार की रात कटनी का करौंदी 6.7 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा रहा। कल्याणपुर-पचमढ़ी में पारा 7.6 डिग्री और राजगढ़ में 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में भोपाल में 12.6 डिग्री, इंदौर-जबलपुर में 13 डिग्री, ग्वालियर में 13.1 डिग्री और उज्जैन में 13.4 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। वर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर ही जारी रहेगा, खासकर रात और सुबह के समय।
प्रमुख शहरों का फरवरी में मौसम ट्रेंड
भोपाल
भोपाल में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंचा है, जबकि 7 साल रात में पारा 10 डिग्री से कम रहा है। इस फरवरी में भी दिन का तापमान 30 डिग्री के पार है।
इंदौर
इंदौर में फरवरी में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है, हालांकि 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। यहां दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है और रात का पारा 10 डिग्री से नीचे रहता है।
ग्वालियर
ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है, जिसका कारण उत्तरी हवाओं का सीधा आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी और इस बार फरवरी के पहले दिन भी बारिश का दौर रहा है।
जबलपुर
जबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में न्यूनतम तापमान लगभग 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास होता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है, पिछले 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है।
उज्जैन
उज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। हालांकि, उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है।
Bhavanesh Soni