पद्म विभूषण तीजन बाई का निधन
पंडवानी गायिका ने रायपुर एम्स में ली अंतिम सांस
छत्तीसगढ़ की लोक कला और पंडवानी गायन को वैश्विक पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन हो गया। वे 70 साल की थीं। उन्होंने शनिवार रात 3.15 बजे रायपुर एम्स में अंतिम सांस ली।
सम्मान और योगदान
तीजन बाई को भारतीय लोक कला में योगदान के लिए पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। उन्होंने महाभारत की कथाओं को मंच पर जीवंत कर पंडवानी को देश-विदेश में नई पहचान दिलाई।
प्रधानमंत्री ने ली थी स्वास्थ्य की जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 नवंबर 2025 को तीजन बाई की बहू वेणू देशमुख को फोन कर उनका हालचाल पूछा था। उन्होंने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया था।
जीवन परिचय
तीजन बाई का जन्म 24 अप्रैल 1956 को भिलाई के गनियारी गांव में हुआ था। उन्होंने 13 वर्ष की उम्र में पहला मंच प्रदर्शन किया और कापालिक शैली में पंडवानी गाने वाली पहली महिला बनीं। उन्हें चार बार डी.लिट. की उपाधि मिली।
स्वास्थ्य और निगरानी
तीजन बाई पिछले करीब दो सालों से बीमार थीं। उन्हें सांस लेने में तकलीफ और अन्य जटिलताओं के कारण एम्स रायपुर के आईसीयू में रखा गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम निगरानी कर रही थी।
Sharad Shrivastava